मिलिए यूनिसेफ इंडिया यूथ एडवोकेट्स के दूसरे समूह से
उन्नति सुराणा, श्याम शुक्ला और प्रसिद्धि सिंह ने बाल अधिकारों के लिए संभाली नए यूथ एडवोकेट्स की जिम्मेदारी
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तेजी से आगे बढ़ रहे यूनिसेफ इंडिया यूथ एडवोकेट्स प्रोग्राम में यूनिसेफ ने दूसरे समूह में तीन नए यूथ एडवोकेट्स को शामिल किया गया है।
एक विस्तृत चयन प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही उन्नति सुराणा, श्याम शुक्ला और प्रसिद्धि सिंह ने यूनिसेफ यूथ एडवोकेट की भूमिका स्वीकार की है। ये युवा भारत में बच्चों के अधिकारों और उनसे जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आवाज उठाने के साथ बाल अधिकारों के लिए प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ काम करेंगे।
ये यूथ एडवोकेट सामाजिक मुद्दों के प्रति अपने जुनून, साथियों को प्रेरित करने की क्षमता और सकारात्मक रोल मॉडल के रूप में इस पहल से जुड़े हैं। युवा एडवोकेट्स का यह नया समूह 2023 और 2024 में नियुक्त गौरांशी शर्मा (मध्य प्रदेश), कार्तिक वर्मा (उत्तर प्रदेश) और नाहिद आफरीन (असम) के साथ जुड़ते हैं। ये सभी मिलकर बच्चों और युवाओं के लिए सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
यूथ एडवोकेट्स का चयन सामाजिक मुद्दों के प्रति उनके जुनून, साथियों को प्रेरित करने की क्षमता और सकारात्मक रोल मॉडल बनने की संभावनाओं के आधार पर किया जाता है। वर्तमान में 38 देशों में 93 यूथ एडवोकेट्स सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
यूनिसेफ बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं के साथ मिलकर काम करने के अपने संकल्प के तहत हर वर्ष नए यूथ एडवोकेट्स को शामिल करता है। यह पहल बच्चों की आवाज़ सुनने, उन्हें अपनी बात रखने के मंच देने और उनके जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर संवाद बढ़ाने के लिए की जाती है।
यूनिसेफ इंडिया के नए यूथ एडवोकेट्स 2025 की घोषणा
तीन नए यूथ एडवोकेट्स यूनिसेफ इंडिया यूथ एडवोकेट प्रोग्राम के साथ जुड़ते हुए दूसरे समूह में शामिल हुए। इसमें कर्नाटक से 15 वर्षीय श्याम शुक्ला, तमिलनाडु से 13 वर्षीय प्रसिद्धि सिंह और गुजरात से 19 वर्षीय उन्नति सुराणा शामिल हैं। 13 और 15 वर्ष की आयु में, प्रसिद्धि और श्याम इस भूमिका को निभाने वाले सबसे कम उम्र के यूथ एडवोकेट हैं।
श्याम शुक्ला, 15 वर्ष, दक्षिण बेंगलुरु, कर्नाटक
यूनिसेफ इंडिया यूथ एडवोकेट प्रोग्राम में 13 से 15 आयु वर्ग में सबसे कम उम्र के यूथ एडवोकेट श्याम शुक्ला रोड सेफ्टी चैंपियन और हेलमेट एंबेसडर हैं। उन्होंने युवाओं के लिए कार्यशालाओं का नेतृत्व किया है और 2024 में वर्ल्ड हेल्थ रीजनल समिट में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
श्याम हेलमेट एंबेसडर के रूप में युवाओं के बीच सुरक्षित ड्राइविंग और हेलमेट के उपयोग के बारे में जागरूकता बढ़ाते हैं। उनका अभियान ‘प्रोजेक्ट सेफ ऑन रोड्स’ युवाओं द्वारा संचालित समाधानों को बढ़ावा देता है, जो दुर्घटनाओं को रोकने और सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है।
श्याम ने स्वास्थ्य और सार्वजनिक नीति से जुड़े मुद्दों पर युवाओं के विचार भी साझा किए, हाल ही में उन्होंने किशोर स्वास्थ्य और कल्याण पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की परामर्श बैठक में भाग लिया।
राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 पर उन्होंने अन्य यूथ एडवोकेट्स के साथ मिलकर युवा बदलाव के लिए सोचते हैं, विश्वास करते हैं और कदम उठाते हैं… का संदेश दिया।
प्रसिद्धि सिंह, 13 वर्ष, चेंगलपट्टू, तमिलनाडु
यूनिसेफ इंडिया यूथ एडवोकेट प्रोग्राम में दूसरे समूह की सबसे कम उम्र की यूथ एडवोकेट बनी 13 वर्षीय प्रसिद्धि सिंह एक पर्यावरणविद् हैं।
जिन्होंने ‘प्रसिद्धि फॉरेस्ट फाउंडेशन’ की स्थापना की और 120 से अधिक स्थानों पर 2 लाख से अधिक पेड़ लगवाए हैं। वे 1 करोड़ पेड़ लगाने के मिशन पर हैं। उन्होंने माइक्रो-फॉरेस्ट मॉडल, जलवायु शिक्षा कार्यक्रम और 200 से अधिक स्कूलों में ग्रीन ब्रिगेड्स की शुरुआत की है, और 20 देशों में 10 लाख युवाओं को जोड़ा है।
प्रसिद्धि ग्रीन तमिलनाडु मिशन की चाइल्ड एंबेसडर और बालिका शिक्षा की ब्रांड एंबेसडर भी हैं। उन्होंने माइक्रो-फॉरेस्ट मॉडल, जलवायु शिक्षा कार्यक्रम और 200 से अधिक स्कूलों में ग्रीन ब्रिगेड्स की शुरुआत की है, और 20 देशों में 10 लाख युवाओं को जोड़ा है।
वह COP28, COP29, COP30, G20, Y20 और कई संयुक्त राष्ट्र मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार और डायना अवॉर्ड (यूके) से सम्मानित किया गया है। वे UN SB62, बॉन में सबसे कम उम्र की प्रतिनिधिमंडल प्रमुख भी रहीं।
प्रसिद्धि ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में सुरक्षित और समावेशी एआई पर युवाओं के विचार भी साझा किए।
उन्नति सुराणा, 20 वर्ष, सूरत, गुजरात
डाउन सिंड्रोम के साथ जन्मी 20 वर्षीय उन्नति सुराणा समावेशन और समान अवसरों की मजबूत आवाज़ बन चुकी हैं। वे समावेशी शिक्षा में अपने कार्य के लिए IB MYP इनोवेटर ग्रांट (2022) जीतने वाली पहली दिव्यांग व्यक्ति हैं।
उन्नति ने भोपाल में आयोजित डाउन सिंड्रोम फेडरेशन ऑफ इंडिया की ब्रांड एंबेसडर के रूप में भाग लेकर यूनिसेफ की किशोर मानसिक स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय परामर्श बैठक में भाषण दिया, आत्म-विश्वास पर TEDx टॉक दी है, और “CRAZXY” फिल्म में अभिनय किया है, जो यह दर्शाती है कि डाउन सिंड्रोम वाले लोग भी बुद्धिमान हो सकते हैं।
उन्नति एक प्रशिक्षित वे प्रशिक्षित कुचिपुड़ी नृत्यांगना और टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं और न्यूरोडायवर्सिटी को बढ़ावा देने के लिए यूट्यूब चैनल और पॉडकास्ट भी चलाती हैं।
सूरत में यूनिसेफ के साथ उनकी हालिया फील्ड यात्रा औरविश्व डाउन सिंड्रोम दिवस 2026 के अवसर पर उनकी भागीदारी ने समावेशन और बच्चों के कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।