मिलिए यूनिसेफ इंडिया यूथ एडवोकेट्स के पहले समूह से
गौरांशी, नाहिद, विनिशा और कार्तिक बने यूनिसेफ बाल अधिकार एडवोकेट्स
- English
- हिंदी
युवाओं को सशक्त बनाने के लिए वर्ष 2018 में विश्व स्तर पर यूनिसेफ यूथ एडवोकेट्स पोग्राम लॉन्च किया गया। इस प्रोग्राम का उद्देश्य युवाओं को एडवोकेसी कौशल प्रदान करके सशक्त बनाना, खुद को व्यक्त करने के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफार्मों पर उनकी सार्थक भागीदारी प्रदान करना है, ताकि वे स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सार्थक संवाद में शामिल होकर अपनी बात को प्रभावी ढंग से रख सकें।
यूथ एडवोकेट्स को सामाजिक मुद्दों के प्रति उनके जुनून, युवाओं को प्रेरित करने की क्षमता और सकारात्मक रोल मॉडल बनने की क्षमता के आधार पर चुना जाता है। वर्तमान में, 38 देशों में 93 यूथ एडवोकेट्स एक्टिवली काम कर रहे हैं।
भारत में, यह कार्यक्रम 2023 में शुरू किया गया था और इसका लगातार विस्तार हो रहा है। 4 मई (मई 2024) को दिल्ली में एक कार्यक्रम में 3 नए यूथ एडवोकेट्स की घोषणा की गई, साथ ही करीना कपूर खान को राष्ट्रीय राजदूत (National Ambassador) नियुक्त किया गया।
गौरांशी शर्मा, 16, भोपाल, मध्य प्रदेश
रुचि : समावेशन कार्यक्रम, खेलने का अधिकार, समावेशी शिक्षा
गौरांशी शर्मा इस बात का ज्वलंत उदाहरण हैं कि हर बच्चे को आगे बढ़ने और आपने सपनों के जीने का अधिकार होता है। चाहे उनका बैकग्राउंड कुछ भी क्यों ना हो।
बोलने और सुनने में अक्षमता का सामना करने के बावजूद, अपने दिव्यांग माता-पिता के समर्थन से, 16 वर्षीयगौरांशी ने कई महान उपलब्धियां हासिल की हैं। अपने जुनून और हिम्मत के बलबूते पर गौरांशी ने बैडमिंटन चैंपियन बनने से लेकर, 2021 में ब्राजील में डेफलिंपियन में स्वर्ण पदक और 2022 में समर डेफलिंपिक्स में इनकी टीम का गोल्ड मेडल जीतने का अदमय साहस दिखाया।
3 अक्टूबर 2023 को, इन्हें यूनिसेफ भारत का पहला यूथ एडवोकेट नामित किया गया था। यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक सुश्री कैथरीन रसेल द्वारा इन्हें विशेष बैज देकर सम्मानित किया गया। गौरांशी 8 वर्षों से यूनिसेफ से जुड़ी हुई हैं और इन्होंने विश्व बाल दिवस 2022 के दौरान समावेशन के लिए खेलों को बढ़ावा देने में एक बड़ी भूमिका निभाई थी।
कार्तिक वर्मा, 18, भदोही, उत्तर प्रदेश
रुचि : बाल अधिकारों की वकालत, जलवायु परिवर्तन, इम्यूनाइजेशन अवेयरनेस
18 वर्षीय कार्तिक की यात्रा बाल अधिकार चैंपियन के रूप में नॉलेज फॉर नेचर पहल की स्थापना के साथ शुरू हुई, इसके जरिए वह 130 से अधिक स्कूलों के 4,000 से अधिक बच्चों और युवाओं तक पहुंच चुके हैं।
उनके अथक प्रयासों ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार समिति (यूएनसीआरसी) के बाल सलाहकार की सम्मानित भूमिका के साथ-साथ यूएनईपी के बच्चों और युवा प्रमुख समूह के लिए संचालन समिति में अहम भूमिका के लिए चुना गया।
कार्तिक के बाल अधिकारों के प्रति जुनून ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों मंचों पर पहुंचाया, इनमें श्रीलंका में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के मिनिस्टर्स और एनवायरनमेंट अथॉरिटीज के 5वें फोरम और संयुक्त राष्ट्र, जिनेवा में बाल अधिकारों पर 94वें सत्र की समिति में अपने विचार रखने का मौका मिला।
उनकी वर्तमान पहल का उद्देश्य एसडीजी-केंद्रित शिक्षा के माध्यम से अगली पीढ़ी को सशक्त बनाना, सामाजिक और पर्यावरणीय शांति को बढ़ावा देना है। उत्तर प्रदेश में यूथ एडवोकेसी नेटवर्क बनाने के उनके प्रयासों को और कनाडा के उच्चायोग द्वारा उन्हें चेंजमेकर के रूप में मान्यता देना उनके योगदान को प्रमाणित करते हैं।
नाहिद आफरीन, 22 गुवाहाटी, असम
रुचि : मानसिक स्वास्थ्य, बाल विवाह, प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास (ईसीडी)
22 साल की नाहिद आफरीन को उसकी सुरीली आवाज ने वर्ष 2013 में हुए रियलिटी शो लिटिल चैंप्स नॉर्थ-ईस्ट ने सुर्खियों में ला दिया। असम के गुवाहाटी की ये बेटी इस रियलिटी शो की उपविजेता बनकर लोगों के दिलों में छा गई।
यहां से शुरू हुई नाहिद की यात्रा उन्हें 2015 में राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित हुए इंडियन आइडल जूनियर साइनिंग प्रतियोगिता तक लेकर गई। यहां उन्होंने एकबार फिर से आपनी आवाज का जादू चलाया और पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। नाहिद एक डिजिटल इन्फ्लुएंसर भी हैं, जिनके कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं।
उन्हें पहले 2018 में उत्तर-पूर्व क्षेत्र के लिए बाल अधिकार चैंपियन के रूप में नियुक्त किया गया था। नाहिद ने कई स्कूलों और समुदायों का दौरा किया है। उन्होंने मेंटल हेल्थ, मेंस्ट्रुअल हाइजीन और चाइल्ड मैरिज को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लिया।
विनिशा उमाशंकर, 17, चेन्नई, तमिलनाडु
रुचि : नवाचार, जलवायु परिवर्तन, लड़कियों को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजिनियरिंग और मैथ्स (एसटीईएम) के लिए प्रेरित करना
17 वर्ष की छोटी सी उम्र में विनिशा उमाशंकर क्लाइमेट एक्शन और इनोवेशन के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त चैंपियन के रूप में उभरी हैं। पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति उनके समर्पण को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से मान्यता मिली है।
इनमें से, उन्हें भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार 2020-2021 और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इग्नाइट IGNITE पुरस्कार 2019 प्राप्त हुआ, जो इनोवेटिव और युवा दिमागों को सम्मानित करता है। उनकी उपलब्धियों ने राष्ट्रीय सीमाओं को पार करते हुए 2023 में RISE ग्लोबल विनर का खिताब मिला है।
उन्हें दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के प्रयासों के लिए द डायना अवार्ड 2023 और उनकी स्थानीय पर्यावरण पहल के लिए तमिलनाडु ग्रीन चैंपियन अवार्ड 2022 भी मिला है। कोप26 में विनिशा के संबोधन ने वैश्विक नेताओं पर अमिट छाप छोड़ी।
उनके इनोवेटिव सोलर आयरनिंग कार्ट प्रोजेक्ट से न केवल उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि उन्हें द अर्थशॉट प्राइज 2021 की Clean Our Air कैटेगरी में फाइनलिस्ट स्थान भी दिलाया। यूनिसेफ इंडिया यूथ एडवोकेट के रूप में, विनिशा युवा इनोवेटर्स को प्रेरित करती हैं और अधिक टिकाऊ भविष्य के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में खड़ी हैं।