गौरांशी शर्मा
खेल के अधिकार, समावेशन और समावेशी शिक्षा के लिए यूनिसेफ इंडिया यूथ एडवोकेट
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(03 अक्टूबर 2023 – जारी)
16 वर्ष की उम्र में यूनिसेफ इंडिया यूथ एडवोकेट बनीं 18 वर्षीय गौरांशी शर्मा साहस और दृढ़ संकल्प की मिसाल हैं। बोलने और सुनने में दिव्यांगता होने के बावजूद उन्होंने एक सफल बैडमिंटन खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने ब्राज़ील में आयोजित डेफ्लम्पिक्स 2021 में स्वर्ण पदक जीता, समर डेफ्लम्पिक्स ब्राज़ील 2022 में टीम स्वर्ण पदक हासिल किया, वर्ल्ड यूथ डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप 2023 में शानदार प्रदर्शन किया और हाल ही में कुआलालंपुर में आयोजित 10वें एशिया-प्रशांत डेफ गेम्स 2024 में बैडमिंटन मिक्स्ड टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता।
इस नवंबर (2025) में वे जापान के टोक्यो में आयोजित होने वाले XXV समर डेफ्लम्पिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
3 अक्टूबर 2023 को गौरांशी को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में यूनिसेफ इंडिया की पहली यूथ एडवोकेट नियुक्त किया गया। इस अवसर पर यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल भी उपस्थित थीं।
यह सम्मान समावेशन, खेल के अधिकार और समावेशी शिक्षा के लिए एक एडवोकेट के रूप में उनकी औपचारिक यात्रा की शुरुआत बना।
गौरांशी की एडवोकेसी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 19–23 सितंबर 2024 के दौरान न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित समिट ऑफ द फ्यूचर में उनकी भागीदारी रही। भारत के युवाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने यूथ मोबिलाइजेशन लैब और एक्शन डेज़ में हिस्सा लिया। इस मंच के माध्यम से उन्होंने दिव्यांग बच्चों की आवाज़ को वैश्विक स्तर पर सामने रखा और समावेशी नीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया।
भोपाल लौटने के बाद भी गौरांशी ने स्थानीय स्तर पर कई प्रभावशाली गतिविधियों का नेतृत्व जारी रखा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (6 मार्च 2025) के अवसर पर उन्होंने अपनी प्रेरक जीवन यात्रा साझा की, ताकि दिव्यांग लड़कियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।
वहीं राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी 2025) पर उन्होंने #EatRightThali अभियान का समर्थन किया और किशोरों के बीच पोषण तथा स्वस्थ आदतों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई।
गौरांशी लगातार विभिन्न वैश्विक अवसरों पर महत्वपूर्ण संदेश देती रही हैं। इनमें खेल के अधिकार दिवस (26 जून 2024), अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (23 सितंबर 2024), अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (11 अक्टूबर 2024) और विश्व बाल दिवस (16 नवंबर 2024) शामिल हैं।
गौरांशी 23 अप्रैल 2025 को जारी वेबी अवॉर्ड विजेता वीडियो “Dear Adults” में भी नज़र आईं। इसके अलावा, 6 अप्रैल 2025 को खेल विकास और शांति के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर दिए गए उनके प्रेरक संदेश के लिए उन्हें U-Report Global द्वारा सराहा गया।
हाल ही में उन्होंने विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस (28 मई 2025) पर #RedDotChallenge में भाग लेकर मासिक धर्म स्वास्थ्य और गरिमा को बढ़ावा दिया।
राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 पर गौरांशी ने श्याम और उन्नति के साथ मिलकर यह संदेश दिया कि आज के बच्चे और युवा बदलाव की परवाह करते हैं, उस पर विश्वास करते हैं और उसे सच करने के लिए कदम भी उठाते हैं।
अपने दृढ़ संकल्प, जीवन अनुभवों और खेल उपलब्धियों के माध्यम से गौरांशी शर्मा भारत और दुनिया भर के बच्चों और युवाओं को लगातार प्रेरित कर रही हैं। वे यह दिखाती हैं कि सही सहयोग और अवसर मिलने पर हर बच्चा आगे बढ़ सकता है और नेतृत्व कर सकता है।
सोशल मीडिया, मीडिया और प्रमुख कार्यक्रमों के लिंक
| दिन और तारीख | विवरण | लिंक |
| 15 नवंबर 2025 – विश्व बाल दिवस | यूनिसेफ के ‘Child in Me’ अभियान के तहत खेल और समावेशन पर गौरांशी का संदेश — #ForEveryChild | (3) इंस्टाग्राम |
| 3 दिसंबर 2025 – अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस | गौरांशी का संदेश: “जब दुनिया समावेशी होती है, तब हर बच्चे को मैदान में और जीवन में समान अवसर मिलता है। हर बच्चे को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।” | इंस्टाग्राम |
| 12 जनवरी 2026 – राष्ट्रीय युवा दिवस | यूनिसेफ इंडिया यूथ एडवोकेट्स का संदेश: “हम परवाह करते हैं। हम विश्वास करते हैं। हम कार्रवाई करते हैं।” इस #NationalYouthDay पर यूथ एडवोकेट्स ने याद दिलाया कि वास्तविक बदलाव तब शुरू होता है जब युवा आगे बढ़ते हैं, अपनी आवाज़ उठाते हैं और कार्रवाई करते हैं — #ForEveryChild, हर जगह। | इंस्टाग्राम |