टीकाकरण क्यों जरूरी है इसके पांच मुख्य कारण
जीवन बचाने के लिए अपना और अपने परिवार का पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना जरूरी
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चिकित्सा के क्षेत्र में टीकाकरण का अहम योगदान है। इतिहास में भी कई माहामारियों की चपेट में आने से लाखों लोगों को होने वाली गंभीर बीमारियों से टीकाकरण ने सुरक्षा की थी।
हालांकि, हाल ही में फिर से कई अनसुनी बीमारियां उभर कर सामने आ रही हैं। इसीलिए टीकाकरण ओर भी जरूरी हो जाता है।
यहां 5 कारण बताए गए हैं, जिससे हमें पता चलता है कि टीकाकरण हर बच्चे के लिए क्यों जरूरी है!
टीकाकरण जिंदगियां बचाता है
मॉर्डन टीकों और ओरल ड्रॉप्स ने बच्चों को अनेक प्रकार की खतरनाक और घातक बीमारियों से बचाया है।
वास्तव में, सफल टीकाकरण अभियानों के कारण अब विभिन्न देशों से कुछ पुरानी और ऐतिहासिक रूप से प्रचलित बीमारियाँ समाप्त हो गई हैं। चेचक इसका एक उदाहरण है।
टीकाकरण अगली पीढ़ी की रक्षा करता है
टीकाकरण ने दुनिया को बहुत ही गंभीर रूप से कमजोर करने वाली बीमारियों से छुटकारा दिलाने में मदद की है। उदाहरण के लिए, पोलियो अब देश से ख़त्म हो चुका है, यानी अब आगे आने वाली पीढ़ियां पोलियो से पीड़ित नहीं होंगी।
यदि मां को टीकाकरण न किया जाए, तो रूबेला जैसी अन्य बीमारियाँ भी गर्भ में ही माँ से उनके अजन्मे बच्चे में फैल सकती हैं। आज हम इतने सक्षम हैं कि लोगों में टीकाकरण करके आने वाली पीढ़ियों में गंभीर बीमारियां फैलने से रोककर उनकी सुरक्षा व स्वस्थ सुनिश्चित कर सकते हैं।
पैसे बचाने और आर्थिक स्थिति ठीक रखने में मददगार टीकाकरण
भारत जैसे देश में जहां आधी से ज्यादा आबादी मिडिल क्लास और लोवर क्लास है। ऐसे में परिवार में यदि किसी को गंभीर बीमारी हो जाए, तो उस सदस्य की देखरेख करना मुश्किल हो जाता है।
बीमारी न केवल परिवार की सारी जमा पूंजी खत्म कर देती है, बल्कि यह कर्जा लेने पर भी मजबूर कर देती है। परिवार के जिस सदस्य को बीमार सदस्य की देखरेख का जिम्मा दिया जाता है, उसे अपना करियर व पर्सनल लाइफ दोनों दांव पर लगानी पड़ती हैं। ऐसे में सही समय पर टीकाकरण करवा कर इस गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।
समय पर टीकाकरण करवा कर बच्चों में रोकी जा सकती है विकलांगता
दुनिया भर में, विकलांगता अधिकार आंदोलन पुरजोर तरीके से चलाए जा रहे हैं। और अधिक सुलभ, समावेशी और टिकाऊ दुनिया बनाने की दिशा में नए रास्ते तलाशें जा रहे हैं।
हालांकि सभी सकारात्मक कदमों के बावजूद विकलांगता के खिलाफ बचपन में ही टीकाकरण कराना नहीं भूलना चाहिए। जैसे पोलियो पर अधिकांश देशों ने मौखिक खुराक लेकर रोक लगाई थी।
ऐसे ही खसरे पर प्रतिबंध लगाया गया था, जो बच्चों में अंधेपन, बहरेपन या मानसिक विकलांगता का कारण बना था।
आपके परिजनों और दोस्तों की सुरक्षा के लिए टीकाकरण जरूरी
रोकथाम की जाने वाली बीमारियां भी संक्रामक होती हैं। कई बार संक्रमित होने वाला व्यक्ति तो बच जाता है, लेकिन घर का ऐसा सदस्य संक्रमित होकर दम तोड़ देता है जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसका ताजा उदाहरण है कोविड-19 बीमारी।
यदि आपके घर में बीमार या बुजुर्ग सदस्य हैं तो आपको स्वयं को व बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण करवाना जरूरी है। टीकाकरण न केवल आपको जीवनदान देता है, बल्कि यह आपके आस-पास के लोगों के जीवन को भी बचाता है।
अपने परिवार व दोस्तों का पूर्ण टीकाकरण करवा कर एक जागरूक नागरिक बने और अपना कर्तव्य पूरा करें।