घर का खाना खायें- दिल को सेहतमंद बनायें: जंक फूड को करें बाए-बाए

खेतों से सीधे थाली तक लायें: ताजा रंगीन मौसमी फल सब्जियों से सेहत की डोज पायें

UNICEF
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29 अगस्त 2025
जंक छोड़ो, रंग-बिरंगी मौसमी फल-सब्जियां खाओ

स्कूल के टिफ़िन से लेकर परिवार के खाने तक, जंक फूड धीरे-धीरे आम हो रहा है। आसानी से उपलब्ध होने वाले उच्च वसा, नमक और शुगर (HFSS) वाले खाद्य पदार्थ—जो अक्सर अल्ट्रा-प्रोसेस्ड (UPFs) और आक्रामक रूप से प्रचारित किए जाते हैं और धीरे-धीरे यह पारंपरिक, संतुलित आहार की जगह ले रहे हैं।

यूनिसेफ़ इंडिया की Advocacy for Healthy Diets सीरिज का चौथा ब्रीफ़ यह बताता है कि बदलाव बच्चों और बड़ों में अधिक वज़न, मोटापा और गैर-संचारी रोगों (NCDs) जैसे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज़ और हृदय रोगों की शुरुआती शुरुआत का कारण बन रहा है।

स्वस्थ थाली प्रकृति के रंगों से सजी होती है — न कि चाँदी की पैकिंग से।

आज की तेज़ रफ़्तार भरी ज़िंदगी में पैकेज्ड स्नैक्स और मीठे पेय पदार्थ आसान ऑप्शन लग सकते हैं, लेकिन ये सेहत के लिए नुकसानदेह हैं। दरअसल, भारत में 56% से ज़्यादा गैर-संचारी रोग (NCDs) सीधे HFSS खाद्य पदार्थों से जुड़े हैं। जैसे-जैसे खान-पान की आदतें बदल रही हैं और अस्वस्थ विकल्प "सामान्य" बनते जा रहे हैं, वैसे-वैसे स्वास्थ्य, पोषण विविधता और खुशहाली पर खतरा और गहरा होता जा रहा है।

स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना हमेशा घर पर पकाया हुआ ही होता है। जंक फूड छोड़कर ताज़ा, ऑर्गेनिक और घर में बने मौसमी और स्थानीय भोजन अपनाने से बीमारियों का ख़तरा भी कम होता है, और इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। साथ ही जीवनभर स्वास्थ्य रहने का तोहफा भी मिलता है।

हर थाली प्राकृतिक रंगों का एक कैनवास बन सकती है — इंद्रधनुषी आहार जिसमें फल, सब्ज़ियाँ, दालें और अनाज शामिल हों, जो सेहत को मज़बूती देने के साथ-साथ स्थानीय किसानों का भी सहारा बनता है।

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UNICEF Healthy Diets & Fruits and Vegetables

घर में उगाया गया भोजन अधिक ताज़ा और पौष्टिक होता है। इससे स्थानीय किसानों को भी रोजगार मिलता है। मौसम के अनुसार भोजन करने का मतलब है कि आप फलों और सब्ज़ियों को उनके सबसे अच्छे स्वाद, रंग और पोषण के समय खा रहे हैं। 

हर दिन “रेनबो प्लेट” तैयार करने की कोशिश करें — जिसमें फलों, सब्ज़ियों, अनाज और दालों जैसे अलग-अलग खाद्य समूह शामिल हों।

सभी के लिए ज़रूरी है, हर दिन पौष्टिक भोजन

हर उम्र के लिए संतुलित आहार में होना चाहिए:

  • रोज़ाना विभिन्न खाद्य समूहों का मिश्रण।
  • स्थानीय और मौसमी फल-सब्जियों, अनाज का समावेशन।
  • जीरो अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और बिना HFSS (ज़्यादा नमक, चीनी,  वसा) वाले खाद्य पदार्थ ही खाने में लें।

जंक फूड से बचना केवल बीमारियों से बचना ही नहीं है, बल्कि हेल्दी खाना हमारे शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है और दिमाग़ को तेज़ करता है, समग्र जीवनशक्ति को मज़बूत करता है। जंक हो या हेल्दी हर तरह का भोजन हमारे शरीर को दिमाग को पोषित या बीमारियों से ग्रस्त बनाता है, इसीलिए खाने को पहली प्राथमिकता दें और अपने शरीर को स्वस्थ रखें।

स्वस्थ के लिए भोजन का सही चुनाव जरूरी

जंक फूड की खपत को रोकना केवल व्यक्तिगत इच्छाशक्ति से संभव नहीं है। यूनिसेफ की रिपोर्ट एक ठोस कार्ययोजना बताती है: पैकेजिंग पर साफ़-साफ़ लेबलिंग, बच्चों को लक्ष्य बनाकर किए जाने वाले विज्ञापनों पर सख़्त नियम, स्कूलों में सेहतमंद भोजन का माहौल, और ऐसी नीतियाँ जो अस्वस्थ विकल्पों को हतोत्साहित करें।

इसके साथ ही, परिवार स्तर पर छोटे बदलाव, समुदाय में जागरूकता अभियान और घर का बना मौसमी भोजन पर नया ध्यान — ये सब मिलकर एक स्वस्थ भोजन व्यवस्था बना सकते हैं।

सीख यही है… आपकी सेहत इसी बात पर निर्भर करती है कि आप अपने खाने में पौष्टिक फल-सब्जियां, अनाज चुनते हैं या बाजार में सस्ते दामों पर मिलने वाले पैकेज्ड स्नैक्स और जंक फूड। यह पूरी तरह से आपकी चॉइस है कि आप क्या चुनते हैं और क्या छोड़ते हैं। सेहतमंद रहने के लिए ताजा, मौसमी और रंग-बिरंगे खाद्य आहार ही चुनें। 

ताज़ा चुनें – रंगीन चुनें – स्थानीय चुनें!
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UNICEF Healthy Diets: Say No to Junk and Packaged Foods

दोस्त...
"ये जंक फूड सस्ता सही,
लेकिन, आपकी सेहत से बढ़कर तो नहीं!”

⚠️ जंक फूड अलर्ट!
“पैकेट फूड बढ़ाये बीमारी सेहत और खर्चे पर भारी
ज्यादा तेल, नमक और चीनी खाएंगें, ताकत नहीं बीमारियां पाएंगें।
 

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UNICEF Healthy Diets: Junk Food Alert- Say No to Junk and Packaged Foods
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