स्वस्थ आहार के लिए वकालत — जंक फूड को कहें ना

जंंक फूड और पैकेज्ड स्नैक्स बन रहे हमारी थाली का हिस्सा — यह सिर्फ़ स्वाद बढ़ायें, लेकिन सेहत घटायें

 Netra, 14, takes a beverage off the shelf in her parents’ sweets and beverages shop in New Delhi, India.
UNICEF/UNI454530/Madheshiya

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स्कूल के टिफ़िन से लेकर परिवार के खाने तक, जंक फूड धीरे-धीरे आम हो रहा है। यूनिसेफ़ इंडिया की Advocacy for Healthy Diets सीरिज का चौथा ब्रीफ़ यह बताता है कि उच्च वसा, नमक और शुगर (HFSS) वाले खाद्य पदार्थ—जो अक्सर अल्ट्रा-प्रोसेस्ड और आक्रामक रूप से प्रचारित किए जाते हैं और कैसे पारंपरिक, संतुलित आहार की जगह ले रहे हैं। 

भारतीय और वैश्विक डेटा के आधार पर यह ब्रीफ़ दिखाता है कि ऐसे खाद्य पदार्थों का बार-बार सेवन मोटापा, अधिक वजन और गैर-संचारी रोगों के जल्दी शुरू होने में कैसे योगदान देता है। यह यह भी बताता है कि बदलती पसंद और व्यापक उपलब्धता से अस्वास्थ्यकर खाने की आदत सभी उम्र के लोगों में सामान्य हो रही है।

A view of French fries being made at a stall near a school in New Delhi.
लेखक
UNICEF
प्रकाशन तिथि
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अंग्रेज़ी

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