अपने बच्चे के टीकाकरण शेड्यूल को जानिए

16 वर्ष की आयु से पहले बच्चों को कौन से टीके लगवाने चाहिए?

इदरीस अहमद और जसमीत सिंह गुजराल
26 सितंबर 2024

टीके जीवन बचाते हैं… टीके का मतलब है होता है सुरक्षा। टीकाकरण बच्चों को होने वाली सभी बीमारियों की रोकथाम में सुरक्षा करता है। अगर आपको बचपन में टीका लगाया गया है या आपने अपने बच्चों का टीकाकरण करवाया है, तो आप उस चेन का हिस्सा हैं जो पूरी मानवता को सुरक्षित रखती है।

बच्चों को 16 साल की उम्र से पहले कौन से टीके लगवाने चाहिए? ये टीके कब लगवाए जाने चाहिए और ये बच्चों को किन बीमारियों से बचाते हैं?

हम आपके लिए यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (UIP) के बारे में जानकारी देने वाले इन्फोग्राफ़िक्स की एक सीरीज़ पेश कर रहे हैं, ताकि आप अपने बच्चों के टीकाकरण शेड्यूल की सटीक जानकारी रख सकें और यह समझ सकें कि टीकाकरण आपके बच्चे को किन बीमारियों से बचाते हैं।

अपने बच्चे को वैक्सीन निवारणीय बीमारियों से बचाने के लिए इस शेड्यूल को सहेज कर रखें।

अभिभावक व बच्चों की देखभाल करने वाले अपने बच्चों को टीकाकरण करवाना न भूलें। टीकाकरण की बदौलत ही समर्पण, प्यार और देखभाल के साथ हम अपने बच्चे की लंबी जिंदगी व स्वास्थ्य सुनिश्चित कर सकेंगे।

Know your child's vaccination schedule- BCG Vaccine
UNICEF Know your child's vaccination schedule- BCG Vaccine

BCG (बीसीजी) वैक्सीन

तपेदिक (टीबी) विकासशील देशों में रोग और मृत्यू का मुख्य कारण बन चुका है। इसकी वैक्सिन बैसिल कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) 80 वर्षों से अस्तित्व में है और भारत सहित उन सभी देशों में व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाती है, जो यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (यूआईपी) का हिस्सा है।

बीसीजी वैक्सीन का बच्चों में मेनिन्जाइटिस और टीबी के खिलाफ एक सुरक्षात्मक प्रभाव पड़ा है।

Know your child's vaccination schedule- Hepatitis Vaccine
UNICEF Know your child's vaccination schedule- Hepatitis Vaccine

हेपेटाइटिस बी वैक्सीन

हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी) के कारण होने वाला जानलेवा लीवर संक्रमण है। यह क्रोनिक संक्रमण का कारण बन सकता है और लोगों को सिरोसिस और लिवर कैंसर से मृत्यु का कारण बनता है।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार शिशुओं को जन्म के बाद जितनी जल्दी हो सके हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाना चाहिए। जन्म के 24 घंटे के भीतर और इसके बाद टीकाकरण चेन को पूरा करने के लिए कम से कम 4 सप्ताह के अंतराल पर हेपेटाइटिस बी के टीके की दो या तीन खुराकें दी जानी चाहिए।

इससे बच्चे को कम से कम 20 साल तक और ज्यादा से ज्यादा आजीवन सुरक्षा मिलती है।

Know your child's vaccination schedule- Oral Polio Vaccine
UNICEF Know your child's vaccination schedule- Oral Polio Vaccine

ओरल पोलियो वैक्सीन

पोलियो माइलाइटिस एक अपंग करने वाली बीमारी है जो एंटरोवायरस (पिकोर्नवायरस) परिवार के तीन संबंधित पोलियोवायरस प्रकारों (जिन्हें P1, P2 और P3 प्रकार कहा जाता है) में से किसी एक के संक्रमण से होती है।

पोलियो को रोकने में मदद के लिए ओरल पोलियो वैक्सीन (OPV) दी जाती है।

 

Know your child's vaccination schedule-Pentavalent Vaccine
UNICEF Know your child's vaccination schedule-Pentavalent Vaccine

पेंटावेलेंट वैक्सीन

पेंटावेलेंट वैक्सीन बच्चे की 5 जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा करती है - डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और हिब। पेंटावेलेंट वैक्सीन से बच्चे को लगने वाली चुभन की संख्या कम हो जाती है और सभी पांच बीमारियों से सुरक्षा मिलती है।

Know your child's vaccination schedule - Rota Virus
UNICEF Know your child's vaccination schedule - Rota Virus

रोटावायरस वैक्सीन

रोटावायरस दुनिया भर में शिशुओं और छोटे बच्चों में गंभीर दस्त की बीमारी का सबसे आम कारण है। मलमार्ग से फैलने वाला रोटावायरस दुनिया भर में तीन साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। 

रोटावायरस वैक्सीन रोटावायरस संक्रमण से बचाती है, इस संक्रमण से बच्चों में गंभीर दस्त हो जाते हैं। (स्रोत: डब्ल्यूएचओ)

Know your child's vaccination schedule - fIPV
UNICEF Know your child's vaccination schedule - fIPV

पोलियो को टीकाकरण के जरिए रोका जा सकता है। पोलियो का टीका कई बार दिया जाता है, जो बच्चे को आजीवन सुरक्षित रखता है।

लकवा ग्रस्त पोलियो को रोकने के लिए टीकों का विकास 20वीं सदी की चिकित्सा सफलताओं में से एक था।

Know your child's vaccination schedule- Measles Rubella Vaccine
UNICEF Know your child's vaccination schedule- Measles Rubella Vaccine

खसरा एक तेज वायरल संक्रमण है, जो सांस के जरिए फैलता है। बुखार, दाने, खांसी, नेत्रश्लेष्मलाशोथ (आंख आना) आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में इस संक्रमण से मृत्यू दर अधिक है। रूबेला हल्का वायरल संक्रमण है, जो बच्चों और युवा वयस्कों में सबसे अधिक होता है।

गर्भवती महिलाओं में रूबेला संक्रमण से भ्रूण हत्या या नवजात शिशु में जन्मजात दोष अधिक होता है। जिसे जन्मजात रूबेला सिंड्रोम (सीआरएस) भी कहा जाता है। रूबेला के लिए कोई खास उपचार नहीं है, लेकिन टीकाकरण द्वारा इस बीमारी को रोका जा सकता है। गर्भावस्था के दौरान सीआरएस के परिणामस्वरूप सहज गर्भपात, मृत जन्म और गंभीर जन्म दोष हो सकते हैं।

दुनियाभर के कुछ देशों में खसरा, कण्ठमाला और रूबेला (यूआईपी) के लिए संयुक्त रूप से एक ही टीके का उपयोग किया जाता है, इसमें भारत भी शामिल है। क्योंकि अलग-अलग लगाए जाने वाले टीकों की बजाय इससे ज्यादा फायदा होता है।

यह टीका खसरा, कण्ठमाला और रूबेला (जर्मन खसरा) के लिए एक ही टीका लगाया जाता है। पहली खुराक आमतौर पर 9 महीने से 15 महीने की उम्र के बच्चों को दी जाती है, दूसरी खुराक 15 महीने से छह साल की उम्र में दी जाती है, खुराक के बीच कम से कम चार सप्ताह का अंतराल होता है।

Know your child's vaccination schedule: DPT Vaccine
UNICEF Know your child's vaccination schedule: DPT Vaccine

डीपीटी टीका या डीटीपी टीका

डीपीटी टीका या डीटीपी टीका मनुष्यों में तीन संक्रामक रोगों डिप्थीरिया, पर्टुसिस (काली खांसी) और टेटनस के लिए संयुक्त रूप से एक टीका है।

वैक्सीन के घटकों में डिप्थीरिया और टेटनस टॉक्सोइड्स शामिल हैं और इससे पर्टुसिस या पर्टुसिस एंटीजन पैदा करने वाले बैक्टीरिया की पूरी कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं।

पेंटावेलेंट वैक्सीन डीपीटी की पहली खुराक 16-24 महीने और और दूसरी बूस्टर खुराक बच्चे को 5-6 साल में दी जाती हैं।

Know your child's vaccination schedule: Td Vaccine
UNICEF Know your child's vaccination schedule- Td Vaccine

टीडी वैक्सीन टेटनस और डिप्थीरिया का मिश्रण है जिसमें डिप्थीरिया एंटीजन (डी) की मात्रा कम होती है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय देशभर में गर्भवती महिलाओं सहित सभी आयु समूहों के लिए टीटी वैक्सीन की जगह टीडी वैक्सीन लगाने की सिफारिश करता है।

Know your child's vaccination schedule : PCV Vaccine
UNICEF Know your child's vaccination schedule : PCV Vaccine

न्यूमोकोकल रोग दुनिया भर में रुग्णता और मृत्यु दर का एक आम कारण है, जो छोटे बच्चों और बुजुर्गों को अधिक गंभीर रूप से प्रभावित करता है। न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) को बचपन के टीकाकरण शेड्यूल में शामिल किया जाता है, खासतौर पर उन देशों में जहां बचपन में मृत्यु दर अधिक है।

Know your child's vaccination schedule: JE VACCINE
UNICEF Know your child's vaccination schedule: JE VACCINE

जापानी इंसेफेलाइटिस वायरस (जेईवी) डेंगू, येलो फीवर और वेस्ट नाइल वायरस से संबंधित एक फ्लेविवायरस है, और यह मच्छरों द्वारा फैलता है। जेईवी एशिया के कई देशों में वायरल इंसेफेलाइटिस का मुख्य कारण है, जिसके हर साल तकरीबन 68,000 ​केस सामने आते हैं।

जेई को रोकने के लिए सुरक्षित और प्रभावी टीके उपलब्ध हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, जेई टीकाकरण को उन सभी क्षेत्रों में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रमों में शामिल किया जाना चाहिए जहां जेई रोग का फैलाव अधिक है। भारत में, जेई टीका चुनिंदा जेई स्थानिक जिलों में उप-राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाता है।

Text source: WHO