पहले कौन खाता है? घर में असमान भोजन परंपराएं

स्वस्थ आहार के लिए वकालत: पोषण ब्रीफ सीरिज — महिलाओं का भोजन पर अधिकार, सबसे कम या आखिर में खाना नहीं

A group of adolescent girls enjoy a light moment together. Equipped with 21st-century skills, both digital and life, they feel confident and empowered, Bajitpur, Kalyanpur Panchayat, Patna, Bihar, India.
UNICEF/UN0825657/Das

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खाना एक मौलिक अधिकार है—लेकिन घर में हर किसी को बराबर हिस्सा नहीं मिलता, खासकर लड़कियों और महिलाओं को। यूनिसेफ़ इंडिया की Advocacy for Healthy Diets सीरिज का तीसरा ब्रीफ़ इसी मुद्दे को दिखाता है कि महिलाएं और लड़कियां घर के सभी सदस्यों के खाना खाने के बाद खाती हैं, जिससे उन्हें संपूर्ण पोषण नहीं मिल पाता।

IHDS, NFHS, CNNS और हाल की रिसर्च के मुताबिक सामाजिक मान्यताओं, समय की कमी और निर्णय न ले पाने के कारण घर में महिलाओं और लड़कियों का अक्सर आखिरी में और सबसे कम खाना ही मिलता है। इसका परिणाम यह है कि उनके आहार की गुणवत्ता लगातार गिरती रहती है, जो लंबे समय के बाद उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

Adolescent girls play outside breaking the taboo of not playing during menstruation in Bazaar Kalika in Varanasi, Uttar Pradesh.
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UNICEF
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अंग्रेज़ी