एआई टूल्स पर अत्यधिक निर्भर बच्चे और युवा
बाल अधिकारों की रक्षा करने वाली एआई नीतियों और प्रणालियों के लिए सुझाव
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बारे में
आज के बच्चे तेजी से विकसित हो रही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में बड़े हो रहे हैं। एआई उनके जीवन के लगभग हर हिस्से को प्रभावित कर रही है। जिन बड़े ऐप्स और प्लेटफ़ॉर्म का बच्चे और युवा इस्तेमाल करते हैं, उनमें एआई अब एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
बच्चों और एआई पर उपलब्ध शोध से पता चलता है कि फर्क सिर्फ इंटरनेट या तकनीक तक पहुँच का नहीं है। बल्कि, एआई के उपयोग के तरीके, उस पर भरोसे का स्तर, गोपनीयता की समझ और नुकसान के जोखिमों में भी फर्क है। नए जोखिमों में एआई से बनाई गई गलत जानकारी, चैटबॉट्स पर भावनात्मक निर्भरता, एआई से बने अश्लील ‘डीपफेक’ और बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) शामिल हैं। ये वास्तविक और गंभीर खतरे हैं।
दूसरी ओर, एआई बच्चों के कौशल, सेवाओं और अवसरों को बेहतर बनाने की बड़ी संभावनाएँ भी रखती है। ज़रूरत है कि इसे सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए। एआई का उपयोग बच्चों और युवाओं को सशक्त बनाने, उन्हें भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने और उन्हें तकनीक के साथ आगे बढ़ने में मदद करने के लिए होना चाहिए—न कि उन्हें पीछे छोड़ने के लिए।
दूसरी ओर, एआई बच्चों के कौशल, सेवाओं और अवसरों को बेहतर बनाने के लिए कई नई संभावनाएँ भी देता है। ज़रूरत है कि एआई का सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए, ताकि बच्चे और युवा सशक्त बनें और भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हों। एआई का इस्तेमाल तकनीक के साथ आगे बढ़ने में मदद करने के लिए होना चाहिए—न कि उन्हें पीछे छोड़ने के लिए।
युवाओं, उनके परिवार, शिक्षक और समुदायों को यह समझने की आवश्यकता है कि एआई का सही उपयोग सीखने में सुधार और दिव्यांग बच्चों के लिए बेहतर पहुँच जैसे क्षेत्रों में कैसे मदद कर सकता है।
बच्चे एआई को सबसे तेज़ी से अपनाने वाले समूहों में हैं। इसलिए यूनिसेफ अपने साझेदारों के साथ मिलकर युवाओं की आवाज़ को आगे बढ़ा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारों और नीति-निर्माताओं के साथ मिलकर बच्चों के लिए एआई साक्षरता और कौशल विकास को बढ़ावा देना; सुरक्षित, आयु-उपयुक्त और अनुकूल एआई सुनिश्चित करना; डेटा सुरक्षा, पारदर्शिता और मानवीय निगरानी की व्यवस्था करना; और मजबूत डिजिटल ढांचे के माध्यम से सभी बच्चों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना है। ये दस्तावेज़ दिखाते हैं कि यूनिसेफ एआई के विकास को बच्चों और युवाओं के सर्वोत्तम हित में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह वक्तव्य व्यापक और समावेशी परामर्श पर आधारित है। इसमें जेनरेशन अनलिमिटेड (Generation Unlimited) द्वारा किए गए एक वैश्विक यू-रिपोर्ट (U-Report) सर्वेक्षण के निष्कर्ष शामिल हैं, जिसमें 184 देशों के लगभग 54,000 बच्चों और युवाओं ने भाग लिया। इसके अलावा, भारत में बच्चों और युवाओं के साथ विशेष समूह चर्चाएँ भी आयोजित की गईं।