सुरू की पोषण रिकवरी: अंतिम मील तक चलकर बच्चों तक पहुँचते हैं स्वास्थ्य प्रणालियों के असली नायक

स्वास्थ्य सेवाओं से इतर देखभाल, ममता, करुणा और कमिटमेंट को दिखाती है सुरू की रिकवरी

सिंथिया मैककैफ्रे, प्रतिनिधि, यूनिसेफ इंडिया
Cynthia McCaffrey, Representative, UNICEF India, with one-year Suru who recovered from malnutrition through community based management of acute malnutrition in West Singbhum in eastern Indian state of Jharkhand.
UNICEF Cynthia McCaffrey, Representative, UNICEF India, with one-year Suru who recovered from malnutrition through community based management of acute malnutrition in West Singbhum in eastern Indian state of Jharkhand.
02 जुलाई 2025

फील्ड नोट @झारखंड 15 मई 2025

भारत के पूर्वी राज्य झारखंड की मेरी यात्रा के दूसरे दिन मैं पश्चिमी सिंहभूम जिले में पहुंची। जहां की हरी-भरी वादियों, जंगलों, घुमावदार लाल मिट्‌टी की सड़कों और पहाड़ों की सुंदरता और शांति ने मुझे मोहित किया। लेकिन, तभी मुझे महसूस हुआ कि प्राकृतिक शांति, सुंदरता, समृद्धि और संस्कृति के बावजूद यहां हर बच्चे और महिला तक आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और पोषण पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं। 

झारखंड सरकार यूनिसेफ और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बच्चों तक हर आवश्यक सेवाएँ पहुँचाने के लिए प्रयासरत्त है। यहाँ टोकलो बी आंगनवाड़ी केंद्र में मेरी मुलाकात एक वर्षीय सुरू और उसकी मां सुनी से हुई। सुनी ने बताया कि उसकी बेटी जब आठ महीने की थी तो वह गंभीर रूप से कुपोषित हो गई थी।

लेकिन, अब छोटी सी सुरू के स्वास्थ्य में आश्चर्यजनक सुधार होता नजर आता है। अब वह स्वस्थ महसूस करती है। इसका पूरा श्रेय आगे बढ़कर आखिरी मील तक स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं पहुंचाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को जाता है। उनके समर्पण के बदौलत ही SAAMAR (कुपोषण और एनीमिया न्यूनीकरण के लिए रणनीतिक कार्रवाई) कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

Cynthia McCaffrey, Representative, UNICEF India, interacting with children in Toklo B Anganwadi Centre in West Singbhum in Eastern Indian state of Jharkhand, highlighting the importance of play For Every Child
UNICEF

Cynthia McCaffrey, Representative, UNICEF India, interacting with children in Toklo B Anganwadi Centre in West Singbhum in the eastern Indian state of Jharkhand, highlighting the importance of play For Every Child
 

झारखंड सरकार द्वारा 2021 में यूनिसेफ के सहयोग से सामर कार्यक्रम शुरू किया गया था। यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सीएमएएम (तीव्र कुपोषण का समुदाय-आधारित प्रबंधन) के राष्ट्रीय मॉडल पर आधारित है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पालो, सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुखसारी और सहायक नर्स मिडवाइफ इंदु ने मिलकर सूरू का इलाज किया। यही असल जिंदगी में सुरू के लिए नायक बनकर उभरी हैं। उन्होंने नियमित रूप से सुरू का फॉलो-अप किया, उसे ज़रूरी दवाइयाँ दीं और हाल ही में शुरू किए गए शिशु शक्ति संवर्धित टेक-होम राशन के साथ रोजाना सुरू के घर पहुंचती थी। साथ ही उन्होंने सुरू की माँ सुनी को घर पर ही सूरू की अच्छी देखभाल करने के लिए प्रशिक्षित भी किया।

सुरू की रिकवरी स्वास्थ्य सेवाओं से कहीं बढ़कर है। यह देखभाल, ममता, करुणा और कमिटमेंट का जीवित उदाहरण है।

झारखंड सरकार और यूनिसेफ के बीच की साझेदारी किसी भी बच्चे को पीछे न छोड़ने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। यह देखना अपने आप में अद्भूत है।

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यूनिसेफ अपने हर काम में प्रत्येक बच्चे के अधिकारों और कल्याण को बढ़ावा देता है। अपने साझेदारों के साथ मिलकर, यूनिसेफ बच्चों के अधिकारों और सुरक्षित बचपन को व्यावहारिकता में बदलने के लिए 190 देशों और क्षेत्रों में काम कर रहा है।

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