बिहार से उम्मीद : बदलाव और संभावनाओं की कहानी

बच्चों के अधिकारों की दिशा में तेज़ी से बढ़ते कदम और फ़्यूचर फ़ॉरवर्ड कार्य की नींव

Soledad Herrero, Chief of Field Services, UNICEF
Newly operationalized 24-bedded MNCU at Prabhavati Hospital, Gaya district— the first of its kind in any District Hospital in India — to assess the quality, availability, and utilization of essential maternal and newborn services, particularly for small and sick newborns.
UNICEF Newly operationalized 24-bedded MNCU at Prabhavati Hospital, Gaya district— the first of its kind in any District Hospital in India — to assess the quality, availability, and utilization of essential maternal and newborn services, particularly for small and sick newborns.
02 सितंबर 2025

तीन यादगार दिनों तक मुझे देखभाल करने वाले परिवारों, बच्चों और युवाओं, समुदाय और सरकारी नेताओं, और हमारे समर्पित यूनिसेफ बिहार के साथियों के साथ चलने का अवसर मिला।

हम गाँवों और अस्पतालों में लोगों से मिले, युवाओं के समूहों से संवाद किया और सरकारी अधिकारियों से बातचीत की। सबसे बड़ी बात यह थी कि हमने बदलाव को वहीं देखा जहाँ यह समानता की जड़ों में और समुदाय की ताक़त से पनप रहा था। 

गाँव और स्वास्थ्य सेवाएँ

गया ज़िले की यात्रा के दौरान हमने ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस (VHSND) को होते देखा। इस मासिक मंच पर स्वास्थ्यकर्मी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा बहनें मिलकर सेवाएँ सीधे गाँव के स्तर तक पहुँचाती हैं।

Interactions with rights holders at the MNCU to gather insights and observe the registration process of the Mukhyamantri Kanya Utthan Yojana (MKUY)
UNICEF Interactions with rights holders at the MNCU to gather insights and observe the registration process of the Mukhyamantri Kanya Utthan Yojana (MKUY)

वहाँ एक युवा माँ ने हमें बताया कि कैसे स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे पहली बार अपने बच्चे का टीकाकरण कराने के लिए तैयार किया। यह सिर्फ़ स्वास्थ्य सेवा की डिलीवरी नहीं थी, बल्कि लोगों द्वारा अपने अधिकारों का दावा करना और व्यवस्था द्वारा अपनी ज़िम्मेदारी निभाना था।

किशोरों की उड़ान

इसके बाद हम उड़ान पहल से जुड़े किशोरों से मिले। यह राज्य सरकार और यूनिसेफ की साझेदारी से चल रहा एक सशक्तिकरण कार्यक्रम है।

  • लड़कियाँ अपने करियर के सपने साझा कर रही थीं — कई तो बिहार पुलिस सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहती हैं।
  • लड़के लिंग आधारित भूमिकाओं को चुनौती दे रहे थे और रूढ़ियों को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
  • किशोरों ने हमें गर्व से अपना “पैड एटीएम” दिखाया — कम लागत वाला सेनेटरी पैड वितरण तंत्र, जिससे माहवारी स्वच्छता तक पहुँच आसान हो रही है।

यह साफ़ था कि ये युवा बदलाव का इंतज़ार नहीं कर रहे। वे खुद ही बदलाव की अगुवाई कर रहे हैं।

Interaction with adolescent groups (at Samuday Kendra, Tekari Nagar Parishad) to understand their context, challenges, aspirations, and the changes in knowledge, attitudes, and life skills both at the individual and collective levels.
UNICEF Interaction with adolescent groups (at Samuday Kendra, Tekari Nagar Parishad) to understand their context, challenges, aspirations, and the changes in knowledge, attitudes, and life skills both at the individual and collective levels.
मातृत्व और नवजात शिशु देखभाल

प्रभावशाली अनुभवों में से एक था प्रभावती अस्पताल, जहाँ बिहार की पहली मातृत्व और नवजात शिशु देखभाल इकाई स्थापित है।

यहाँ टीम को काम करते हुए देखकर लगा कि स्वास्थ्य केवल इमारतों और उपकरणों का नाम नहीं है, बल्कि देखभाल, समर्पण और ज़िम्मेदारी का नाम है।

At the VHSND session site of HSC – Rajpur, Paraiya Block, Gaya, to see the quality and coverage of outreach services during VHSND sessions and engage with frontline workers and partners to assess community participation.
UNICEF At the VHSND session site of HSC – Rajpur, Paraiya Block, Gaya, to see the quality and coverage of outreach services during VHSND sessions and engage with frontline workers and partners to assess community participation.
नई तकनीक और सहयोग

अंतिम दिन, हमने एम्स पटना के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दौरा किया। यह केंद्र टेली-कंसल्टेशन से लेकर फ्रंटलाइन वर्कर्स को मार्गदर्शन देने तक, विशेषज्ञता को गाँव-गाँव तक पहुँचाने का काम कर रहा है।

यह देखकर एहसास हुआ कि ज्ञान की असली शक्ति तब है, जब वह संस्थानों, ज़िलों और समुदायों के बीच साझा हो।

नेतृत्व और साझेदारी

इस पूरी यात्रा के दौरान हमें ऐसे नेता मिले जो बदलाव को न केवल सक्षम बना रहे हैं, बल्कि उसे गति भी दे रहे हैं।

  • गया के ज़िला अधिकारी ने हमारे अनुभवों को ध्यान से सुना।
  • महिला एवं बाल विकास निगम की सचिव ने किशोर सशक्तिकरण को बिहार की विकास नीतियों का मज़बूत हिस्सा बनाने पर ज़ोर दिया।
  • बिहार के स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत में बच्चों और माताओं की सेहत सुधारने की साझा प्रतिबद्धता सामने आई।

दिल्ली लौटते समय मेरे साथ सिर्फ़ अनुभव ही नहीं, बल्कि लोगों की दृढ़ता, साझेदारी और छोटे-छोटे मौन बदलावों की कहानियाँ भी थीं। इन तीन दिनों ने याद दिलाया कि बदलाव ऊपर से नीचे नहीं आता, वह ज़मीन से उठता है।

और यूनिसेफ के साथियों — आपकी हिम्मत और समर्पण की गूंज मैदान से बहुत दूर तक सुनाई देती है।

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