स्वस्थ आहार के लिए वकालत: पोषण ब्रीफ सीरीज

बच्चों, महिलाओं और परिवारों के लिए बेहतर आहार से भारत का भविष्य आकार देना

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6 Ingredient Recipe for Healthy Diet Family
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भारत के भविष्य में बेहतर भोजन को केंद्र में रखना

बचपन के पहले चम्मच से लेकर, किशोरावस्था में क्लास के बीच खाने वाले स्नैक्स तक, और महिलाओं द्वारा परिवार के साथ साझा किए जाने वाले भोजन तक—भारत आज जो खाता है, वही देश के कल को आकार देगा।

आहार स्वास्थ्य, सीखने और अवसरों की नींव हैं। फिर भी, खराब पोषण एक छुपा हुआ संकट बना हुआ है: पांच साल से कम उम्र के लगभग 70% बच्चे एनीमिया से पीड़ित हैं, केवल 11% बच्चों को न्यूनतम स्वीकार्य आहार मिलता है, और और अस्वस्थ, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स पारंपरिक, संतुलित भोजन की जगह ले रहे हैं।

इन चुनौतियों और उनके समाधान को उजागर करने के लिए, यूनिसेफ इंडिया ने स्वास्थ्य की वकालत करते हुए, पोषण ब्रीफ सीरिज शुरू किया है। हर ब्रीफ जीवन के विभिन्न चरणों और सामाजिक परिस्थितियों में आहार के महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डालता है और साक्ष्य, जानकारियाँ और व्यावहारिक कदम सुझाता है।

“जन्म के पहले दो साल पोषण के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय हैं। बच्चे ने आज क्या खाया, वही तय करेगा कि वह कल क्या हासिल कर सकता है।”

अच्छा पोषण केवल खाने की थाली तक सीमित नहीं है—यह जीवनभर के स्वास्थ्य, सीखने और अवसरों की नींव है। यूनिसेफ इंडिया की Advocacy for Healthy Diets श्रृंखला सबूत, जानकारियाँ और रणनीतियाँ एकत्र करती है ताकि हर बच्चा, किशोर और महिला सही पोषण प्राप्त कर सके, स्वस्थ रहे, आगे बढ़े और भारत के भविष्य में योगदान दे सके।

Kajalben is 21 a 21-year-old mother living in Mota Raypura village of Nandod block of Gujarat.
UNICEF/UNI489752/Panjwani Kajalben is 21 a 21-year-old mother living in Mota Raypura village of Nandod block of Gujarat.

पहले दो साल जीवन भर के स्वास्थ्य को आकार देते हैं। इस समय में अल्ट्रा प्रोसेस्ड और जंक फूड स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। यह ब्रीफ स्तनपान और पूरक आहार की सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ-साथ समुदाय स्तर की जागरूकता पर प्रकाश डालता है... और पढ़ें

महिलाओं और लड़कियों का आहार उनके स्वास्थ्य, सीखने और भविष्य को आकार देता है। कई महिलाएं कुपोषण, पोषण की कमी और बढ़ते वजन का सामना करती हैं, जो लिंग आधारित रूढ़ियों और असमान पहुंच से पैदा होता है। यह ब्रीफ स्कूलों, परिवारों, कार्यस्थलों और फ्रंटलाइन वर्कर्स से सरल, लेकिन प्रभावशाली आहार परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करता है... और पढ़ें

A 19-year-old Suman reacts as she stands with her peers at her house in Admapur, Varanasi, Uttar Pradesh.
UNICEF/UN0591783/ Bhardwaj A 19-year-old Suman reacts as she stands with her peers at her house in Admapur, Varanasi, Uttar Pradesh.
A group of adolescent girls enjoy a light moment together. Equipped with 21st-century skills, both digital and life, they feel confident and empowered, Bajitpur, Kalyanpur Panchayat, Patna, Bihar, India.
UNICEF/UN0825657/Das A group of adolescent girls enjoy a light moment together. Equipped with 21st-century skills, both digital and life, they feel confident and empowered, Bajitpur, Kalyanpur Panchayat, Patna, Bihar, India.

भारत के कई घरों में, महिलाएँ और लड़कियाँ अक्सर सबसे बाद में, सबसे कम और शायद ही कभी सबसे अच्छा खाना खाती हैं। यह असमानता पोषण कार्यक्रमों और महिलाओं के स्वास्थ्य को कमजोर करती है। NFHS और CNNS के आँकड़ों पर आधारित यह ब्रीफ़ रिपोर्ट हमें बताती है कि किस तरह सामाजिक मान्यताएँ महिलाओं के आहार और सेहत को प्रभावित करती हैं।... और पढ़ें

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड HFSS फूड्स पारंपरिक आहार की जगह ले रहे हैं, जिससे मोटापा, प्रारंभिक मधुमेह और गैर-संचारी रोग बढ़ रहे हैं। यह ब्रीफ लेबलिंग, विपणन पर नियंत्रण, स्वस्थ स्कूल भोजन, समुदाय जागरूकता और मौसमी, स्थानीय, घर का खाना फिर से अपनाने की सलाह देता है... और पढ़ें

 Netra, 14, takes a beverage off the shelf in her parents’ sweets and beverages shop in New Delhi, India.
UNICEF/UNI454530/Madheshiya Netra, 14, takes a beverage off the shelf in her parents’ sweets and beverages shop in New Delhi, India.
A general view of a 'SehatWaliThali' during a Godhbharai session at an Anganwadi centre in Nayakheda, Rajasthan.
UNICEF/UNI335899/ Bhardwaj A general view of a 'SehatWaliThali' during a Godhbharai session at an Anganwadi centre in Nayakheda, Rajasthan.

स्वस्थ आहार का मतलब सिर्फ़ भरी हुई थाली नहीं, बल्कि विविधता है। मुख्य और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों पर अधिक निर्भरता कुपोषण और गैर-संचारी रोगों (NCDs) को बढ़ाती है, जबकि विविध आहार से रोग प्रतिरोधक क्षमता, सहनशीलता और समानता बढ़ती है। यह ब्रीफ रंगीन आहार (Rainbow Diet) की अवधारणा और घर, स्कूल, कृषि और नीति में विविधता लाने के व्यावहारिक कदम पेश करता है... और पढ़ें