चार बातें जो आप अपने टीन (किशोर/किशोरी) के मानसिक स्वास्थ्य में सहयोग के लिए कर सकते हैं।

खुद की देखभाल के साथ अपने किशोर/किशोरी से प्यार और देखभाल का इज़हार करें।

यूनिसेफ़
सीएसओ स्वयंसेवक गौरांग ऑनलाइन हिंसा पर कविशा (18) के साथ बातचीत करते हुए।
UNICEF/UN0379904/Panjwani
22 फ़रवरी 2021

चाहे आप और आपके किशोर/किशोरी के बीच अच्छे सम्बन्ध हों या उनमें चुनौतियाँ हों, ये ज़रूरी है कि आप ये दिखाएँ कि आप उनसे प्यार करते हैं और उनकी मदद करें, कि आप उनके कठिन दौर से निकलने में उनकी मदद कर सकते हैं, कि आप हमेशा उनके साथ हैं |

यहाँ चार बातें बताई जा रही हैं जिन्हें अपने किशोर/किशोरी से 'तुम कैसे हो?' जैसी बातचीत के दौरान और ये जताने के लिए कि आप हमेशा उनके साथ हैं, के लिए ध्यान में रखना है |

1. अपनी भावनाएं साझा करने के लिए उन्हें प्रेरित करें

  • • अपने किशोर/किशोरी के साथ घुलने-मिलने के मौके देखिए | उनसे पूछिए कि उनका दिन कैसा रहा और उन्होंने क्या किया | इसके लिए आप उन्हें अपने किसी काम में शामिल होने के लिए बुला सकते हैं, जैसे कि रात का खाना बनाना, जिससे आप उनसे उनके दिन के बारे में बात कर सकें |

    •  उन्हें भरोसा दिलाइये कि आप उनके साथ हैं, चाहे कोई भी बात हो, और ये कि आप उनसे जानना चाहते हैं कि वो क्या महसूस कर रहे और सोच रहे हैं | प्रोत्साहन के कुछ शब्द उन्हें आपसे अपनी भावनाएं साझा करने के लिए सहज बनाने में मददगार हो सकते हैं |

    •  ये ज़रूरी है कि आप उनके मनोभावों को समझें और स्वीकार करें जो उनके द्वारा महसूस किये जा रहे हों, भले ही वो आपको असहज लग रहे हों | जब वो आपसे खुल कर बात करें तो आप "मैं समझ रहा हूँ", ये एक मुश्किल स्थिति लग रही है" या 'ये उचित है" कह कर उन्हें जवाब दे सकते हैं |

    •  जो आपको पसंद नहीं है वैसा करते अपने किशोर/किशोरी पर ध्यान देना आसान हो सकता है | लेकिन जब वो कुछ अच्छा कर रहे हैं उस पर भी ध्यान देने की कोशिश करें - यहाँ तक कि खुद की साफ़-सफाई जैसी सामान्य बातें भी | सकरात्मक उपायों और उनके लाभों के बारे में और पढ़ें

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2. उनकी मदद करने के लिए समय निकालिए

  • • साथ मिलकर नई दिनचर्या और संभव दैनिक लक्ष्य मिर्धारित करें | आप स्कूल के काम के बाच में घर के काम जोड़ सकते हैं या रात के खाने के पहले घर का काम पूरा करने के लक्ष्य बना सकते हैं |

    •  किशोरावस्था का मतलब होता है आज़ादी ! अपने किशोर/किशोरी को उनके खुद के लिए पर्याप्त समय और स्थान दीजिए | बढ़ती उम्र में अपने लिए जाह्गाह की चाह सामान्य बात है |

    • अपने किशोर/किशोरी को कुछ देर के लिए ब्रेक लेने के लिए (स्कूल के कामों  से, घर के कामों से या जिस भी काम में वो लगे हों) उन्हें प्रोत्साहित करें और उसके तरीके खोजें  जिससे वे कुछ अपने मन का कर सकें | अगर आपका किशोर/किशोरी हताश है, तो उसके साथ विचार-विमर्श कर के उसकी समस्या का हल खोजें | उनके ऊपर हावी होने और उन्हें निर्देशित करने की कोशिश न करें |

3. विवादों से साथ मिलकर निबटिये

  • अपने किशोर/किशोरी के विचारों को सुनिए और विवाद को ठन्डे दिमाग से हल कीजिए | याद रखिए: सभी को तनाव होता है !

    •जब आप क्रोध में हों तो किसी मुद्दे पर बात न करें |  वहां से हट जाएँ, गहरी सांस लें और खुद को शांत रखें — आप अपने किशोर/किशोरी से इस विषय में बाद में बात कर सकते हैं |

    •शक्ति के संघर्ष से बचें | इस समय दुनिया में फैली अनिश्चितता और सीमित विकल्पों के कारण किशोर/किशोरी नियंत्रण में रहने में संघर्ष कर रहे होंगे | ऐसी कठिन परिस्थितियों में उनकी इच्छाओं के साथ सहानुभूति रख कर इन कठिन स्थिति में उन पर नियंत्रण करें न कि उनसे लड़ कर और उनपर हावी हो कर |

    •अपने किशोर/किशोरी के साथ ईमानदार और पारदर्शी बनें: आप उनसे बता सकते हैं कि आप भी अतिरिक्त तनाव महसूस कर रहे हैं | आप अपनी कठिन परिस्थितियों से कैसे निबटते हैं, इससे उन्हें से समझने में मदद मिलेगी कि उनकी भावनाएं उचित हैं |

    •जब आपके बीच विवाद हो तो कुछ समय लेकर इस पर विचार करें कि आप और आपका किशोर/किशोरी कैसे मिलकर उसे हल कर सकते हैं | आप अपने विचारों पर अपने किशोर/किशोरी से चर्चा कर सकते हैं, जिससे उनको ये समझने में मदद मिलेगी कि आप कैसे आपने विचार पर काम करते हैं |

4. स्वयं की देखभाल

देखभाल करने वालों को अनेकों चीजों से निबटना पड़ता है | आपको खुद की देखभाल एवं सहयोग की ज़रुरत होती है | खुद की देखभाल भी अपने किशोर / किशोरी के एक अच्छा उदहारण प्रस्तुत करता है |

  • •अगर आप भरी महसूस कर रहे हैं तो किसी और के के द्वारा मदद पूछे जाने का इंतज़ार मत कीजिए | ऐसा महसूस करना सामान्य और उचित है | अपने परिवार के किसी सदस्य या किसी अन्य से बातें करिए |

    •अपने संबंधों के लिए समय निकालिए | कुछ ऐसे लोग खोजिए जिनसे आप अपने अनुभव और भावनाएं साझा कर सकते हैं | रोज़ उनके साथ बात करने का समय निकल कर उन्हें अपनी भावनाएं बताइए |

    •अपने दिन में थोड़ा समय उन चीजों के लिए निकालिए जो आपको तनाव से निबटने और उन्हें कम करने में मददगार हैं | चाहे आपका दिन व्यस्त हो या आसान, हम जानते हैं कि खुद के लिए समय निकलना आपके अपने भले के लिए ज़रूरी है | अपने पसंद की चीजें करने या केवल अपने दिन से कुछ समय अपने लिए अलग करने से आप आराम और ऊर्जावान महसूस करते हैं |

    •आपके लिए सहायक सकारात्मक सहनीय रणनीतियों को अपनाएं | इनमें कुछ हो सकते हैं: व्यायाम, दोस्तों से बात करना, क्या करना है की सूची या आगे की योजना बनाना, अपनी दिनचर्या या संरचना बनाना, इस पर विचार करना कि आप किस बात के लिए कृतज्ञ या गौरवान्वित हैं, और अपने पसंद के काम करना जैसे संगीत, कला, नृत्य और अपनी एक पत्रिका रखना |

इस निर्देशिका के सन्देश इंटर एजेंसी स्टैंडिंग कमिटी मेन्टल हेल्थ एंड साइकोसोशल रिफरेन्स ग्रुप द्वारा तैयार किए गए |