भारत में बच्चों के प्रवास की समझ

शोध रिपोर्ट

Cover page of the report.
Young Lives India and UNICEF India

Highlights

भारत भर में, हर पांचवां प्रवासी एक बच्चा है। 2011 की जनगणना से उपलब्ध नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 92.95 मिलियन बाल प्रवासी आंतरिक रूप से विस्थापित थे, वर्तमान में इस आंकड़े में बहुत अधिक वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, बाल प्रवासी कोई एक समूह नहीं है। कुछ बच्चों के लिए, आप्रवास उनके लिए नई राहें खोल सकता है और यह सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों के विस्तार करने के साथ जुड़ा हुआ है, लेकिन कई अन्य लोगों के लिए इसमें गंभीर जोखिम भी होता है, जिसमें दुरुपयोग और शोषण शामिल है। हालांकि बच्चों के आप्रवास का सबसे आम कारण है उनके पूरे परिवार का आप्रवास, किशोर लड़कियों के प्रवास का एक महत्वपूर्ण कारक उनकी शादी होती है। लड़कियों की तुलना में लड़कों की शिक्षा के लिए पलायन करने की संभावना दोगुनी होती है और 14 वर्ष से कम आयु के लगभग 20 मिलियन बाल प्रवासी काम में लगे हुए हैं।

राष्ट्रीय डेटा सेटों का उपयोग करके - जिसमें 1991, 2001 और 2011 की जनगणना, एनएसएसओ का 64 वां दौर (2007-08), एनएफएचएस – 4 (2015-16) और आईएचडीएस - II (2011-12) शामिल हैं - यह रिपोर्ट भारत में बाल प्रवासियों, जिनमें राज्य द्वारा आंकड़े, समय के साथ रुझान, प्रवास के कारण, और शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के संबंध में उनके प्रवासन का प्रभाव शामिल है,  स्थिति का एक व्यापक स्नैपशॉट प्रदान करती है है।

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लेखक
Young Lives India and UNICEF India
प्रकाशन तिथि
भाषा
अंग्रेज़ी

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