मिल्ली बॉबी ब्राउन बनी यूनिसेफ की सबसे कम उम्र की गुडविल एम्बैस्डर
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न्यूयॉर्क, 20 नवंबर 2018: एमी-नामांकित अभिनेत्री मिल्ली बॉबी ब्राउन को यूनिसेफ की नवीनतम सद्भावना राजदूत (गुडविल एम्बैस्डर) के रूप में घोषित किया गया है। विश्व बाल दिवस पर न्यू यॉर्क में स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय और एम्पायर स्टेट बिल्डिंग में हुई घोषणा के अनुसार 14 वर्षीय ब्राउन यूनिसेफ की सबसे कम उम्र की गुडविल एम्बैस्डर बनाई गयी हैं ।
ब्राउन ने कहा, “यूनिसेफ गुडविल एम्बैस्डर बनना एक सपना सच होने जैसा है। जिन्होंने वर्षों से यूनिसेफ का समर्थन किया है, ऐसे लोगों की प्रभावशाली सूची में शामिल होना एक बड़ा सम्मान है। मैं ज्यादा से ज्यादा बच्चों और युवाओं से मिलने की कोशिश कर रही हूँ, उनकी कहानियाँ सुन रहीं हूं, और उनकी ओर से दुनिया के सामने विचार प्रकट कर रही हूं।”
यूनिसेफ गुडविल एम्बैस्डर की अपनी भूमिका में, ‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ की ब्रिटिश स्टार अपने वैश्विक मंच का उपयोग बच्चों के अधिकारों और युवाओं से जुड़े मुद्दों, जैसे कि शिक्षा की कमी, खेलने और सीखने के लिए सुरक्षित जगहों की आवश्यकता, हिंसा, उत्पीड़न और गरीबी आदि, के प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद करेंगी । ब्राउन 2016 से यूनिसेफ के काम का सहयोग कर रही हैं, जिसमें 2016 में संयुक्त राष्ट्र के 70वें वर्षगांठ समारोह की मेजबानी करना और पिछले वर्ष यूनिसेफ के पहले विश्व बाल दिवस के उद्घाटन की चैंपियन बनना शामिल है। यूनिसेफ गुडविल एम्बैसडर्स की सूची में यह अन्य नाम शामिल हैं: मुजून अल्मेलेहन, डेविड बेकहम, ऑरलैंडो ब्लूम, जैकी चैन, प्रियंका चोपड़ा, डैनी ग्लोवर, रिकी मार्टिन, लियो मेसी, लियाम नीसन, शकीरा और लिली सिंह।
यूनिसेफ की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हेनरीटा फोर ने कहा, "विश्व बाल दिवस बच्चों और युवाओं को आवाज देने का दिन है। मैं इस अवसर पर यूनिसेफ परिवार में मिल्ली का स्वागत करते हुए बहुत खुश हूं। बच्चे अपने सबसे अच्छे हिमायती होते हैं। मुझे पता है कि मिल्ली अपने उत्साह और निष्ठा का उपयोग हर जगह कमजोर बच्चों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए करेगी।”
विश्व बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता है, और ‘बच्चों के लिए, बच्चों द्वारा’ कार्रवाई का एक वैश्विक दिवस है। इसका लक्ष्य उन लाखों बच्चों के लिए जागरूकता और धन जुटाना है, जो असुरक्षित, अशिक्षित और विस्थापित हैं। यूनिसेफ जनता को एक ऑनलाइन वैश्विक याचिका पर हस्ताक्षर करने के लिए आमंत्रित कर रहा है। यह याचिका वर्तमान तथा भविष्य की पीढ़ियों के बच्चों के अधिकारों को पूरा करने के लिए नेताओं को प्रतिबद्ध करती है, ताकि हर बच्चा स्कूल में शिक्षा पा सके, अनिष्ट से सुरक्षित रहे और अपनी क्षमता को पूरा कर सके।
इस दिन को यादगार रूप में मनाने के लिए, यूनिसेफ अपने समर्थकों से सबसे वंचित और कमजोर बच्चों के साथ एकजुट हो कर आवाज उठाने के लिए कह रहा है। इसके लिए यूनिसेफ ने 'टर्निंग द वर्ल्ड ब्लू' की पहल की है, जिसमें 20 नवंबर को स्कूल, सड़कों, सोशल मीडिया, बोर्डरूम और खेल के मैदानों में लोगों को कुछ नीला पहनकर जाने की बात कही गयी है। इस गतिविधि को शुरू करने के लिए, पिछले हफ्ते ब्राउन ने एक छोटे-से वीडियो में समर्थकों को बच्चों के अधिकारों के समर्थन में #GoBlue के लिए प्रोत्साहित किया।
बाल दिवस का वार्षिक स्मरणोत्सव मनाने के लिए, सरकार, मनोरंजन, खेल और व्यवसाय की दुनिया के सितारे और नेता बच्चों के अधिकारों के समर्थन में रैली करेंगे। बच्चे भी उन मुद्दों को उजागर करने के लिए विशिष्ट भूमिकाएँ निभाएँगे जो उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके लिए:
• ऑस्ट्रेलिया में सिडनी ओपेरा हाउस, चीन में बीजिंग नेशनल एक्वेटिक्स सेंटर और वॉटर क्यूब, जॉर्डन में पेट्रा और संयुक्त राज्य अमरीका में एम्पायर स्टेट बिल्डिंग सहित कई प्रतिष्ठित स्थान नीले रंग में चमकेंगे।
• दुनिया भर के कई देशों, जैसे मोंटेनेग्रो, पेरू, टोंगा, सूरीनाम और जाम्बिया आदि, में बच्चों को अन्य लोगों के साथ संसद को संभालने दिया जाएगा। आयरलैंड के ताओसीच (प्रधान मंत्री), लियो वरादकर, अपने कार्यालय के 'किड्स टेकओवर' में भाग लेंगे।
• ब्रसेल्स में, युवा प्रतिनिधि यूरोपीय संसद का नेतृत्व करेंगे और 'यूरोप किड्स वांट' के बारे में नेताओं को बताएंगे ।
• बुर्किना फ़ासो में, पश्चिम और मध्य अफ्रीका के युवा 'अफ्रीका वी वांट’ के बारे में निर्णयकर्त्ताओं को बताने के लिए 'अफ्रीका डायलॉग्स' नामक भाषणों की श्रृंखला में भाग लेंगे।
• भारत में, यूनिसेफ गुडविल एम्बैस्डर सचिन तेंदुलकर बच्चों के साथ यूनिफाइड फुटबॉल का खेल खेलेंगे, जिसमें जन-समूह को नीले रंग को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा, बच्चे राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन को संभालेंगे और संसद में बच्चों के मुद्दों को उठाने वाले सांसदों को पुरस्कार देंगे।
• चीन, लाओस, लेबनान, नाइजीरिया, ओमान, तंजानिया, संयुक्त राज्य अमरीका और अन्य जगहों पर, बच्चे उनसे सम्बंधित महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर रिपोर्ट करने के लिए न्यूज़ रूम संभालेंगे।
• नीदरलैंड में, 30 से अधिक बच्चों को अपनी सपने की नौकरियों के अनुभव का मौका दिया जाएगा, जिसमे एक फुटबॉल टीम के प्रबंधन से लेकर सबसे लोकप्रिय डच दैनिक धारावाहिक, ‘हुडे टाइज़न, स्लेखते टाइज़न’ पर काम करना शामिल हैं।
• दुनिया भर में 50 से अधिक संगठन बच्चों को समर्थन अथवा विभिन्न भूमिकाओं में कार्य करने का अवसर देंगे, जिनमे एफसी बार्सिलोना, बेको, ऑल ब्लैक्स, क्वांटास और अमेडस शामिल हैं। जॉनसन एंड जॉनसन मुख्यालय भी बच्चों द्वारा संचालित किया जाएगा, और वे यूनिसेफ के स्वास्थ्य कार्यक्रमों का समर्थन करने के लिए $1 करोड़ अमरीकी डॉलर की प्रतिबद्धता की घोषणा करेंगे। लेगो ग्रुप और लेगो फाउंडेशन दुनिया भर में कई सारे 'बिल्ड द चेंज' इवेंट की मेजबानी करेंगे, जहाँ बच्चों को अपने सपने के स्कूल के बारे में अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
• यूनिसेफ की नई गुडविल एम्बैस्डर के रूप में नियुक्त किए जाने वाली मिल्ली बॉबी ब्राउन के साथ, दुनिया भर के अन्य देश भी यूनिसेफ के युवा राजदूत नियुक्त करेंगे:
o वांग युआन (रॉय वांग), 18, गायक, यूनिसेफ चीन की राजदूत।
o हिमा दास, 18, धावक, यूनिसेफ भारत की राजदूत।
o हिन्ना असीफी वारदाक, 15, टेलीविजन प्रस्तुतकर्ता, यूनिसेफ अफगानिस्तान की राजदूत।
o सोनम वांगचेन, 16, गायक, गीतकार और संगीतकार, यूनिसेफ भूटान की राजदूत।
o एल सिस्टेमा, द नेशनल चिल्ड्रन ऑर्केस्ट्रा ऑफ़ वेनेजुएला, जिन्हें यूनिसेफ वेनेजुएला एंबेसडर के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है।
वर्ल्ड चिल्ड्रन्स डे (विश्व बाल दिवस) के समारोहों में 'यूथ एडवोकेट्स' के साथ कई सहयोगी कार्य होंगे:
• एमान्ने बीशा, 10, गायक और हिमायती एवं जौद बेदीन, 14, लेखक और एडवोकेट, यूनिसेफ जॉर्डन।
• राबा खान, 19, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर, यूनिसेफ बांग्लादेश।
• खेरन याओ, 23, पर्यावरणविद्; डेट्टी डिओन दत्तो, 24, व्लॉगर और दिव्यांगजन हिमायती; और टोंकटे सिलेउ, 24, ब्लॉगर और शिक्षा हिमायती, यूनिसेफ कोटे डी आइवर।
• बिलजाना स्तोकोविच, 14, व्लॉगर और इन्फ्लुएंसर, यूनिसेफ सर्बिया।
• सेडी ओस्मान, 23, पेशेवर बास्केटबॉल खिलाड़ी, यूनिसेफ तुर्की।
युवा एडवोकेट्स की अधिक जानकारी और आत्मकथाओं के लिए, https://uni.cf/worldchildrensday2018 पर जाएँ
वीडियो और फोटो यहां से डाउनलोड किए जा सकते हैं
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संपादकों के लिए टिपण्णी
यूनिसेफ इंडिया ने विश्व बाल दिवस (वर्ल्ड चिल्ड्रन्स डे) मनाया, जिसमें इस वर्ष का विषय 'स्कूलों में बच्चों के लिए उपयुक्त वातावरण' पर केंद्रित है। इस अवसर पर महान क्रिकेटर और यूनिसेफ गुडविल एम्बैस्डर सचिन तेंदुलकर ने 'स्पेशल ओलंपिक्स में भाग लिए भारत' के धावकों के साथ एक यूनिफाइड फुटबॉल मैच खेला। सचिन ने कुछ गणमान्य व्यक्तियों के साथ पैनल डिस्कशन में भी भाग लिया, जिनमे सौंदर्य प्रधान, दृष्टि-बाधित विश्व जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में भारत की पहली रजत पदक विजेता; प्रो हृषिकेश सेनापति, निदेशक, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी); एयर मार्शल डेनजिल कीलर, 'स्पेशल ओलंपिक्स भारत' के संस्थापक ट्रस्टी और यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि डॉ यास्मीन अली हक शामिल थे।
इस अवसर पर नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन और संयुक्त राष्ट्र सदन, एवं मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के साथ-साथ भोपाल गेट को भी नीले रंग से सजाया गया था। दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब जैसे मीडिया हाउस, हैदराबाद में मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के साथ-साथ देश भर के यूनिसेफ के राज्य कार्यालय बाल अधिकारों के लिए एकजुट होकर #GoBlue अभियान में शामिल हुए। क्षेत्रीय दैनिक 'प्रभात खबर' ने अपने मस्तूल शिखर को नीला कर दिया, जबकि 'अमर उजाला' ने लड़कियों के सशक्तीकरण पर एक श्रृंखला प्रकाशित की। सार्वजनिक सेवा प्रसारक दूरदर्शन ने बच्चों के विशेष कार्यक्रमों में बच्चों को एंकर के रूप में कार्य करने का मौका दिया, और अपने परिसर में 'डब्ल्यूसीडी' लोगो को प्रमुखता से प्रदर्शित किया।
जॉनसन एंड जॉनसन, जो भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता का विस्तार करने के लिए यूनिसेफ का समर्थन करता है, इसका मुंबई कार्यालय नीले रंग में प्रकाशित हुआ, जबकि खेल के सामान में अग्रणी डीकैथलॉन ने अपने सभी दुकानों में डब्ल्यूसीडी कार्यक्रम आयोजित किए और उनके कर्मचारियों ने विभिन्न स्कूलों में बच्चों के साथ काम किया। ब्रिजस्टोन के कर्मचारियों ने विश्व बाल दिवस पर वर्ल्ड चिल्ड्रन्स डे के लोगो के आकार में मानव श्रृंखला बनाकर अपनी एकजुटता दिखाई। अन्य व्यवसाय भी देश भर में ‘डब्ल्यूसीडी’ के कार्यक्रमों का समर्थन कर रहे हैं।
यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि, डॉ यास्मीन अली हक ने कहा, “हम बच्चों के लिए नीले रंग में रंगने के प्रयोग को लेकर उत्साहित हैं। पूरे भारत में लाखों लड़कियां और लड़के हैं, जिनके पास एक दृढ़ विश्वास के साथ सपने और आकांक्षाएं हैं कि वे जो कुछ भी निश्चय करते हैं, उसे हासिल कर सकते हैं। यह हमारा कर्तव्य है कि इस यात्रा में उनका सहयोग करें। इसीलिए विश्व बाल दिवस महत्वपूर्ण है। यह बच्चों के लिए, बच्चों द्वारा कार्रवाई का एक दिन है।”
यूनिसेफ इंडिया ने एक यू-रिपोर्ट पोल का निष्कर्ष जारी किया; यू-रिपोर्ट एक सोशल मेसेजिंग साधन है। बच्चों के बीच किए गए इस सर्वेक्षण में प्रमुख पहलुओं की पहचान की गई है, जो स्कूलों के वातावरण को सहायक और सुरक्षित बनाते हैं। इसमें शिक्षण की गुणवत्ता शिक्षा में सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरी और बच्चों ने कक्षाओं में एक निडर, सुरक्षित और सक्षम वातावरण की आवश्यकता पर ज़ोर डाला। उत्तरदाताओं ने नवीन और रोचक शिक्षण सामग्री, माता-पिता की दिलचस्पी के महत्व, और शिक्षक-छात्र संबंध को महत्वपूर्ण बनाने के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी प्रकाश डाला। दमनीय व्यवहार (बुलींग) बच्चों के खिलाफ दुर्व्यवहार और हिंसा का मुख्य कारण बनकर उभरा। बाल अधिकार प्रशिक्षण, और माता-पिता और साथियों की सहायता इस मुद्दे के सबसे अच्छे समाधान के रूप में प्रस्तावित किए गए।
यू-रिपोर्ट में सामने आई चुनौतियों के समाधान हेतु बच्चों को प्रेरित करने के लिए, नीति आयोग की ‘अटल टिंकरिंग लैब्स’ और यूनिसेफ ने 14 से 17 नवंबर तक 72 घंटे का 'टिंकरिंग हैकाथॉन' शुरू किया। हैकाथॉन को 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 569 निवेदन मिले। दो श्रेष्ठ अभिनव (अनोखे) समाधान, जो स्कूलों में शिक्षा श्रेणी और सुरक्षा की गुणवत्ता में सुधार से सम्बंधित थे, विश्व बाल दिवस पर प्रस्तुत किए गए थे।
सहायक स्थानों के रूप में स्कूलों में निवेश के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 'यूनिसेफ टॉक्स' की एक श्रृंखला आयोजित की गई। गुरुचरण दास और शेखर गुप्ता जैसे दिग्गज संपादकों के साथ-साथ राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती शांता सिन्हा भी इसमें शामिल थीं। लगभग 15 सांसदों के साथ बच्चों ने बातचीत की, जिनमें बच्चों की लिए सांसदों के समूह की संयोजक वंदना चव्हाण, डॉ नरेंद्र जादव, डॉ के कामराज और डॉ विकास महात्मे थे। बच्चों ने स्कूलों को सहायक और सुरक्षित स्थान बनाने के विभिन्न पहलुओं पर बात की, और उनकी चुनौतियों का समाधान करने का आग्रह किया।
विभिन्न राज्यों में हजारों बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। राजस्थान में बच्चों को बाल अधिकारों पर चर्चा करने और चुनाव घोषणापत्र में शामिल करने के लिए बातचीत करते देखा। कर्नाटक में बच्चे विधान सौधा में आए और मुख्यमंत्री श्री एच डी कुमारस्वामी और अन्य विधायकों के साथ बाल अधिकारों पर बात की। उत्तर प्रदेश में, हिंदुस्तान टाइम्स जैसे मीडियाहाउस में एक दिन के लिए बच्चे अतिथि संपादक के रूप में गए, जबकि कई प्रमुख मीडिया सदनों ने हैशटैग #GoBlue का उपयोग करके बाल अधिकारों पर बोलने के लिए सोशल मीडिया का लाभ उठाया। एफएम रेडियो - रेड एफएम, रेडियो सिटी, फीवर एचटी ने अपने स्टूडियो में बच्चों को रेडियो जॉकी बनाकर हिस्सा लिया। बैंगलोर में, ग्रैमी अवार्ड विजेता रिकी केज ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर बच्चों के लिए एक प्रीमियर संग्रह 'माई अर्थ सॉन्ग्स' लॉन्च किया।
14 नवंबर को जब यूनिसेफ इंडिया ने बच्चों और युवाओं की प्रेरणा और समर्थन के लिए भारत में अपनी पहली युवा राजदूत के रूप में स्प्रिंटर और एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता हिमा दास को नियुक्त किया था, तब कई पहलों और कार्यक्रमों की एक श्रृंखला का आरम्भ हुआ था। 20 नवंबर के दिन उस श्रृंखला का समापन हुआ।
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