स्तनपान से होगी आपके शिशु के जीवन की सबसे अच्छी शुरुआत

जन्म के पहले घंटे के भीतर शिशु को माँ का दूध दें और छह महीने तक केवल स्तनपान कराएँ—ना पानी, ना शहद, ना कोई अन्य आहार

UNICEF
Rasal Kavar Embraces Breastfeeding for Her Baby in Moderdi, Barmer, Rajasthan
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28 अगस्त 2025
शिशु का आहार: जीवन भर की सेहत की पहली सीढ़ी

माँ का दूध केवल भोजन नहीं है—यह पहली नेचुरल वैक्सीन है, जो शिशु के मस्तिष्क को मज़बूत बनाता और उसे मानसिक व बौद्धिक रूप से विकसित करने के साथ संपूर्ण पोषण देता है। यह सफ़र जन्म के पहले “स्वर्णिम घंटे” से शुरू होता है। 

भारत में जहाँ पाँच साल से कम उम्र के लगभग 70% बच्चे एनीमिया से ग्रस्त हैं और केवल 11% को न्यूनतम उपयुक्त आहार मिलता है, वहाँ जीवन के पहले दो साल शिशु के लिए एक अनमोल अवसर की तरह हैं, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

अच्छा पोषण शिशु का महज विकास तय करता, बल्कि यह उसकी सीखने-समझने और आगे बढ़ने की क्षमता को भी आकार देता है। इसके विपरीत, कुपोषण ऐसे दुष्परिणामों का चक्र शुरू कर देता है, जो स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर नकारात्मक असर डालता है।

“जीवन के पहले 1000 दिन — गर्भावस्था से लेकर दो साल की उम्र तक — एक स्वस्थ शरीर और तेज़ दिमाग़ बनाने के लिए सबसे अहम समय होते हैं।”

माँ का दूध केवल भोजन नहीं है—यह पहली नेचुरल वैक्सीन है, जो शिशु के मस्तिष्क को मज़बूत बनाता और उसे मानसिक व बौद्धिक रूप से विकसित करने के साथ संपूर्ण पोषण देता है। 

यह सफ़र जन्म के पहले “स्वर्णिम घंटे” से शुरू होता है। शिशु को कोई पानी नहीं पिलाना और न ही किसी पशु का दूध या फ़ॉर्मूला दूध पिलाना। उसे केवल शुद्ध माँ का दूध—जो एंटीबॉडी, पोषक तत्व और ममता से भरा होता है।

पहले छह महीनों तक सरल नियम अपनायें और शिशु को सिर्फ मां का दूध पिलायें। बोतल और अन्य विकल्पों से बचें, क्योंकि ये रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर सकते हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।

छह महीने के बाद मां के दूध के साथ शिशु के आहार में विविधता लाएँ। स्तनपान जारी रखने के साथ-साथ घर का बना नरम और ताजा खाना ही खिलायें। जैसे मसली हुई दाल, नरम सब्ज़ियाँ, चावल और फल आदि। ध्यान रखें कि भोजन में विविधता लायें और उम्र के अनुसार उचित मात्रा में बार-बार खिलायें। यह “पूरक आहार” शिशु की हड्डियाँ मज़बूत करने के साथ-साथ दिमाग को तेज बनाता है और स्वस्थ वृद्धि के लिए बेहद आवश्यक है।

यह ज़िम्मेदारी सिर्फ़ माताओं की नहीं है, बल्कि पूरे परिवार, समाज और सरकारी व्यवस्था को साथ मिलकर काम करना होगा। चाहे वह बच्चों के लिए पैकेट वाले और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन के ख़तरों के बारे में जागरूकता फैलाना हो। 

या फिर प्रशासन और कानूनी सहयोग से ऐसी मजबूत नीतियाँ बनाना हों, जो स्वस्थ भोजन को सस्ता और सबके लिए सुलभ बनाएं। हर सहारा, हर सही चुनाव कुपोषण की कहानी को बदलकर संभावनाओं की ओर ले जाता है।

स्तनपान केवल भोजन नहीं है—यह स्वास्थ्य, मज़बूती और विकास में जीवन भर का निवेश है। पहला निवाला, पहला घूँट, पहला क़दम… यहीं से जीवन की शुरूआत होती है।

“स्तनपान केवल पोषण ही नहीं देता—यह रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है, दिमागी विकास को तेज करता है और एक बेहतर भविष्य की नींव रखता है।“

नवजात शिशु के आहार से जुड़ी ज़रूरी जानकारी

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UNICEF First moments after birth — a golden time for the baby’s nutrition.

“जन्म के शुरूआती क्षण बच्चे के पोषण के लिए बेहद जरूरी होते हैं। कोलोस्ट्रम (पहला पीला गाढ़ा दूध) शिशु की नेचुरल वैक्सीन है। जो शिशु को बीमारियों से बचाता है।”

सही या ग़लत:
क्या जन्म के पहले घंटे में नवजात शिशु को पानी की ज़रूरत होती है?

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UNICEF Start breastfeeding within the first minute after birth for a healthy beginning.
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