बाल-विवाह के विरुद्ध संघर्ष कर रही पुरुलियाकीएक लड़की, किरण

भारत भर में, बालिका विवाह सहित किसी भी बाल अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाने के लिए एक सामाजिक नेटवर्क बनाने के लिए लड़कियां अन्य लड़कियों, स्कूलों और समुदायों को जुटा रही हैं।

डेमिस्यू बिज़ुवर्क द्वारा
Kiran riding a bicycle.
UNICEF/UN0276232/Boro
20 फ़रवरी 2019

भारत भर में लड़कियां ऐसा सामाजिक नेटवर्क तैयार करने के लिए अन्‍य लड़कियों, स्‍कूलों और समुदायों को संगठित कर रही हैं जो बाल-विवाह सहित बच्‍चों के अधिकारों के किसी भी उल्‍लंघन के विरूद्ध आवाज उठाने में उन्‍हें शक्तिसंपन्‍न बना सकें। किरण उन्‍हीं लड़कियों में से एक है और उसकी कहानी इस प्रकार है:

Kiran smiling in her classroom.
UNICEF/UN0276237/Boro

भारत के राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर, बारहवीं कक्षा की छात्रा किरण बाउरी और 500,000 अन्‍य लड़कियों और महिलाओं नेभारत के पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले की गलियों से निकलकर 348 कि.मी. लंबी मानव श्रृंखला बनाने के लिए हाथ मिलाया। यह श्रृंखला शहर के बीचोंबीच शुरु हुई और अधिकाधिक महिलाओं के शामिल होते जाने पर यह बढ़ती चली गई। उनका संदेश सुदृढ़ था— लड़कियां स्‍कूल में होनी चाहिए न कि विवाह मंडप में।

Children holding hands.
UNICEF/UN0276253/Boro

अपने स्‍थानीय समुदाय में लड़कियों के अधिकारों की पक्षधर, किरण कहती हैं,“मुझे समझ नहीं आता कि लड़कियों को घरों में बोझ क्‍यों समझा जाता है। यह ठीक नहीं है, इसमें अवश्‍य बदलाव आना चाहिए।’’

किरण, अनेक लड़कियों की छोटी उम्र में शादी होते देख और उस वज़ह से उन्हेंस्‍कूल छोड़ते देखते हुए बड़ी हुई है। अब वह इसमें बदलाव लाने के अभियान पर है।

Kiran standing in line at school with a group of girls.
UNICEF/UN0280307/Boro

किरण सभी लड़कियों के लिए समान अधिकार की आवाज उठाती रही है और उनका मानना है कि सभी लड़कियों को शिक्षित होकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए। पिछले वर्ष, जब उसेअपनी सबसे प्रियसहेली की जबरदस्‍ती शादी किए जाने का पता चला तो उसने किसी प्रतिकूल प्रतिक्रिया से डरे बिना पुलिस को सूचित कर दिया। अब उसकी सहेली कॉलेज में पढ़ रही है। किरण, किशोर सशक्तिकरण प्रोग्राम के भाग के रूप में पुरुलिया जिला प्रशासन और यूनिसेफ द्वारा संयुक्‍त रूप से स्‍थापित कन्‍याश्री क्‍लब (स्‍थानीय किशोरी क्‍लब) की सक्रिय सदस्‍य है।

Kiran holding three cards.
UNICEF/UN0269633/Boro

किरण“पैड गर्ल” के नाम से प्रसिद्ध है क्‍योंकि वह अन्‍य लोगों को पैड का इस्‍तेमाल करना सिखाने से नहीं झिझकती।

वह कहती है,“सेनिटरी पैड से लड़कियां अधिक आज़ादी, सम्‍मान और सुरक्षा से घूम-फिर सकती हैं।

”पहले लड़कियां पैड के रूप में कपड़ा इस्‍तेमाल करती थीं और वही कपड़ा दुबारा भी इस्‍तेमाल करती थीं, लेकिन अब अधिकतर लड़कियां सेनिटरी पैड का इस्‍तेमाल करना पसंद करती हैं जो उनके स्‍कूल,हटमुरा हरिमती गर्ल्‍स हाई स्‍कूल में आसानी से उपलब्‍ध है, जहां किरण स्‍कूल की वेंडिंग मशीन से सेनेटरी पैड वितरित करती हैं और लड़कियों को अपने शरीर के प्रति आश्‍वस्‍त महसूस करने के लिए प्रेरित करती है। किरण अपने अध्‍यापकों और स्‍कूल प्रशासन की मदद से बाल विवाह सहित लड़कियों को प्रभावित करने वाले अन्य मुद्दों पर अपनी बात सक्रियता से रखती है।

Kiran posing with her parents.
UNICEF/UN0280309/Boro

किरण के पिता श्री चण्‍डीचरण बाउरी कहते हैं,“मेरी बेटी प्रतिदिन मन लगा कर पढ़ती है। मैं हमेशा उसके हाथों में किताब देखता हूं। मैं आशा करता हूँ कि उसके सारे सपने सच होंगे। श्री बाउरी, किरण की माता चंदना बाउरी के साथ उसकी पढ़ाई को लेकर गौरान्वित महसूस करते हैं और वे उसे कॉलेज जाते देखना चाहते हैं।

Kiran reading a book.
UNICEF/UN0276225/Boro

किरण, जो कि फरवरी 2019 में होने वाले अपनी बोर्ड परीक्षा (ऑल इंडिया सीनियर स्कूल सर्टिफिकेटएग्ज़ाम) के लिए जी जान से तैयारी कर रही है, कहती है,“मुझे समस्‍याओं को हल करना अच्‍छा लगता है। वकील समस्‍याओं का समाधान निकालते हैं और हमारे समुदाय में बहुत सारी समस्‍याओं का हल निकाला जाना है। इसलिए, मैं एक वकील बनना चाहती हूं।”

Kiran reading in her room.
UNICEF/UN0276222/Boro

एक छोटे से कमरे में, जहाँ एक तरफ लकड़ी के रैक पर कपड़ों का ढेर रखा हुआ है और दूसरे कोने में एक छोटी सी मेज़ और कुर्सी है, किरण अपनी परीक्षा की तैयारी में विलीन है। उसके पास समय कम है, और उसे सभी विषयों और किताबों को पढ़ना है।

Kiran reading on the terrace.
UNICEF/UN0276224/Boro

किरण जो भी पढ़ती है उस पर विचार करने के लिए प्रत्‍येक शाम सूर्यास्त से पहले अपनी बालकनी में आ जाती है। भविष्‍य में जब उसका अपना परिवार होगा और यदि उसको बेटी होती है तो उसे मालूम है कि वह उसके लिए क्‍या करना चाहेगी। किरण कहती है,“मैं उसकी दोस्‍त की तरह रहूंगी और उसकी सफलता के लिए हर तरह से उसकी मदद करुंगी।” लेकिन अभी के लिए, उसका सारा ध्यानपढ़ाई की ओर है।