व्यापक राष्ट्रीय पोषण सर्वेक्षण 2016 - 2018
भारत की प्रभावशाली आर्थिक वृद्धि से सर्वाधिक संवेदनशील (भेद्य) लोगों की जीविका में काफी प्रगति हुई है| इस गतिशील प्रगति से एक दशक में 27 करोड़ 10 लाख लोग गरीबी से बहार निकल पाए, लेकिन उनके बीच गहरी आर्थिक असमानता है (OPHI, 2019) |
Highlights
भारत की प्रभावशाली आर्थिक वृद्धि से सर्वाधिक संवेदनशील (भेद्य) लोगों की जीविका में काफी प्रगति हुई है | इस गतिशील प्रगति से एक दशक में 27 करोड़ 10 लाख लोग गरीबी से बहार निकल पाए, लेकिन उनके बीच गहरी आर्थिक असमानता है (OPHI, 2019) | भारत की वैश्विक आर्थिक क्षमता को सीमित करने के प्रमुख कारणों में से एक कुपोषण है (कोपेनहेगेन सहमति 2012) | अन्य समाजार्थिक विषमताओं ने और अधिक वृद्धित था उससे होने वाले आर्थिक विस्तार को सीमित किया है | जहाँ उत्पादकता और कुपोषण में पिछले दो दशकों में कमी आई है (IIPS, 2017), वहीं गैर-संचारी रोग (NCD) मृत्यु का प्रमुख कारण बनके उभरे हैं (Dandona, 2017) |