आओ, अपने भोजन को बेहतर बनाएं
भारत के युवाओं के लिए स्वस्थ भोजन और सुरक्षित खाद्य वातावरण के अधिकार को आगे बढ़ाना
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स्वस्थ भोजन का चुनाव किशोरों को अच्छी ज़िंदगी जीने, सीखने, रिश्ते बनाने, जीवन को आगे बढ़ाने, आर्थिक अवसर पाने और समाज में योगदान करने में मदद करता है। लेकिन अस्वास्थ्यकर भोजन की आसान उपलब्धता, पोषण संबंधी जानकारी की कमी, और फल–मेवे जैसे पौष्टिक भोजन की कम उपलब्धता और महँगी कीमतें — ये सब मिलकर बच्चों और किशोरों के दिमागी विकास को नुकसान पहुंचाती हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ाती हैं।
‘लेट्स फिक्स आवर फ़ूड’ एक पहल है जिसे ICMR–नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन, पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) और UNICEF मिलकर चला रहे हैं। इसमें कई साझेदार भी जुड़े हैं, जैसे Institute of Economic Growth (IEG), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), Deakin University और World Obesity Federation। इनका उद्देश्य किशोरों को सक्षम बनाना है ताकि, वे देश में बच्चों और किशोरों के लिए एक बेहतर और सहायक भोजन वातावरण बनाने में भाग ले सकें।
यह बातचीत इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में 24% किशोर कम वजन वाले हैं। भारत में 1.7 करोड़ से अधिक बच्चे और किशोर मोटापे से प्रभावित हैं²। यह संख्या 2030 तक 2.7 करोड़ से अधिक हो सकती है, यदि हम आज ही कदम नहीं उठाते³। कुपोषण का यह दोहरा बोझ — यानी कम वजन और बढ़ता मोटापा — को एक जैसी रणनीतियों से दूर किया जा सकता है।