युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार करने के लिए यूनिसेफ इंडिया और एसएपी इंडिया की साझेदारी

विश्व युवा कौशल दिवस पर नई साझेदारी की घोषणा

15 जुलाई 2020
किशोर बैठक के दौरान एक युवा नेता
UNICEF/UN0238955/Vishwanathan
उत्तर प्रदेश में वाराणसी के निकट मिर्जापुर जिले में किशोरी नेताओं (किशोर लड़कियों नेताओं) की उनके जीवन कौशल का निर्माण करने के लिए और अधिक लड़कियों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका है।

नई दिल्ली, 15 जुलाई 2020- विश्व युवा कौशल दिवस पर, यूनिसेफ इंडिया ने देश में युवाओं को कैरियर परामर्श प्रदान करने के लिए आज एसएपी इंडिया के साथ अपनी साझेदारी की घोषणा की जिससे कोविड-19 के दौरान और कोविड -19 के बाद की अवधि में उनके रोजगार कौशल में सुधार होगा। यूनिसेफ, असेवित युवाओं को डिजिटल शिक्षा और व्यावसायिक कौशल प्रदान इस पहल के तहत युवा (जेनरेशन अनलिमिटेड) के साथ सहयोग काम कर रहा है।

सहयोग के तहत यूनिसेफ -युवा(युवाह)- एसएपी निम्नलिखित को मजबूत करेगा:

  • युवाओं के लिए डिजिटल कौशल और जीवन कौशल में सुधार
  • युवाओं को कैरियर के विकल्प प्रदान करना।
  • भारत सरकार के साथ अन्य राज्यों में मॉडल को पुन: परिकल्पित करना
  • 2022 के अंत तक दस लाख युवाओं को प्रभावित करना

जब भारत की आधुनिकीकरण तकनीक से संचालित अर्थव्यवस्था में पूरी तरह से भागीदारी के लिए सूचना, प्रशिक्षण, अवसरों या कौशल तक सीमित पहुंच के कारण कैरियर और रोजगार के अवसरों की बात आती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवा विशेष रूप से कमजोर हैं। शिक्षार्थी-कंप्यूटर अनुपात पर राष्ट्रीय पूर्णयोग 1:89  है, जिससे ग्रामीण स्कूलों में एक असमान पहुंच [1] का संकेत मिलता है। प्रमाण [2] संकेत करता है कि खराब अधिगम स्तर, कम रिटेंशन दर, खराब जीवन-कौशल और महिला- पुरूष समावेशन को संबोधित करने के लिए प्रौद्योगिकी समाधानों को बेहतर तरीके से अनुकूलित किया जा सकता है।

एसएपी में सीएसआर की अध्‍यक्ष अलेक्जेंड्रा वैन डेर प्लोग, ने कहा, "गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और डिजिटल समावेश कभी भी इतने अधिक महत्वपूर्ण नहीं रहे हैं। कोविड -19 ने शिक्षा की पहुंच की कमजोरी को उजागर किया है और यह भारत के लिए अधिक प्रासंगिक नहीं हो सकता है, जहाँ सबसे अधिक युवा हैं।"

उन्‍होंने कहा "संयुक्त राष्ट्र की जनरेशन अनलिमिटेड पहल की सहायता में यूनिसेफ के साथ मिलकर हम सामाजिक समस्‍याओं का समाधान करने और शिक्षा, कार्यबल तत्परता एवं उद्यमिता के माध्यम से अपने युवाओं की मदद करने के लिए नवाचार की शक्ति का उपयोग कर सकते हैं। सच्ची एसएपी भावना में, यूनिसेफ के साथ हमारी अनूठी साझेदारी से न केवल हमारा सामूहिक प्रभाव अधिकतम होगा, बल्कि भारत और दुनिया भर में युवा प्रेरित होंगे ताकि उन्‍हें दुनिया को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिले। आखिरकार, यदि हमारे युवाओं को कौशल विकास के अवसर नहीं दिए जाते हैं, तो वे सामाजिक सरोकारों से नहीं जुड़ पाएंगे और उनमें मदद नहीं कर सकेंगे जिससे एक राष्ट्र के विकास में मदद होती है।

भारत में युनिसेफ प्रतिनिधि, डॉ. यास्मिन अली हक ने कहा “कोविड-19 से जीवन के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में व्यवधान पैदा हुआ है, जिससे युवाओं के सामने कई  चुनौतियां आई हैं। यूनिसेफ - युवा-एसएपी इंडिया साझेदारी का उद्देश्य युवा लोगों को सशक्त बनाना, उनकी रचनात्मकता, समस्या-समाधान और नेतृत्व क्षमता का उपयोग करना, उनके अपने स्वयं के जीवन और उनके समुदायों में अंतर लाना है। इस साझेदारी युवाओं को जीवन कौशल, सामाजिक नवाचार और करियर मार्गदर्शन की जानकारी देकर उनके सामने आई तत्काल चुनौतियों का समाधान करेगी”


[1] पार्टनरशिप ऑन मेजरिंग आईसीटी फोर डवलपमेंट 2014.

[2] जॉनसन, ए. एम., जैकोविना, एम. ई., रसेल, डी. ई., एण्ड (सोटो, सी. एम. (2016)। चैलेंजेस एंड साल्यूशन्स वेन यूजिंग टेक्नो‍लॉजीस इन दी क्लासरूम। इन एस.ए. क्रोसले एण्ड  डी.एस. मैकनमारा (संस्करण) एडेप्टिव एजुकेशनल टेक्नोयलॉजीस फॉर लिटरेसी इनस्ट्रक्शन (पृष्ठ 13-29). न्यूयॉर्क: टेलर एंड फ्रांसिस. फेडरल सपोर्ट के आभार सहित प्रकाशित।

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