खेलना हर बच्चे का अधिकार है
हर रोज़ – खेलना चुनें !
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खेल सिर्फ़ मनोरंजन नहीं है - यह हर बच्चे के विकास के लिए ज़रूरी है।
खेल मौज मस्ती से बढ़कर है। यह रह बच्चे के खुशहाल भविष्य और विकास के लिए जरूरी है।
अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 आने वाला है, क्या आप तैयार हैं ? जानिए इसका इतिहास और अपने बच्चे व परिवार के लिए मजेदार खेल गतिविधियों में हिस्सा लें। यह सुनिश्चित करने में मदद करें कि हर बच्चे को खेलने का अधिकार मिल सके।
अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस क्या है?
अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस खेल की शक्ति का जश्न मनाने का समय है। यह समय जागरूकता बढ़ाने का है, जिससे लोगों को पता चल सके कि बच्चों के विकास और भलाई के लिए खेल कितने जरूरी हैं। और यही सही समय है जब हम एकसाथ आकर सुनिश्चित करें, कि हर बच्चा खेलने के अपने अधिकार को पुरा कर सके।
अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 की थीम क्या है?
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस की थीम है "हर दिन खेलों को चुनें"। यह थीम सरकारें, व्यवसाय, स्कूल और परिवार सभी को ऐसे निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी जिसमें हर बच्चे को प्रतिदिन खेलने का अधिकार मिल सके। यह हम सभी के लिए एक रिमाइंडर की भांति है, क्योंकि खेलना हर बच्चे का अधिकार है।
खेल क्यों जरूरी हैं ?
खेल महज मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि यह बच्चों के विकास का आधार है। खेल बच्चों को व्यवहारिक जीवन के लिए बौद्धिक, सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से सीखने के अवसर देता है। खेल के जरिए बच्चे दूसरों के साथ कनेक्शन बनाते हैं, चुनौतियों का सामना करना सीखने हुए अपने डर पर विजय पाते हैं। और खेल बच्चों को तेज़ी से बदलती दुनिया में पनपने में मदद करता है
अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस कब मनाया जाता है ?
अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस 11 जून को मनाया जाता है।
मैं इसमें कैसे भाग ले सकता हूँ?
आप इसमें कहीं से भी भाग ले सकेंगे। अपने बच्चों के साथ खेल के नये आइडिया ट्राई करके या अपने दोस्तों, परिवार और पास-पड़ोस में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाकर आप भी घर पर रहते हुए इस बार अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस का हिस्सा बन सकते हैं।
इसके लिए आपको 11 जून तक का इंतजार करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अपने बच्चे के साथ खेलकर हर दिन को आंनदमयी बनाया जा सकता है।
और याद रखियें, आपके पास खेल के जरिए हर दिन अपने बच्चे के साथ यादें बनाने का सुनहरा मौका है।
सभी को वैश्विक आह्वान
हर बच्चे को खेलने का समान अधिकार देना।
हर दिन खेलों को चुनना और एक ऐसी दुनिया बनाने में मदद करना जहाँ हर बच्चे को खेलने के समान अधिकार मिल सकें।
हम सरकारों, व्यवसाइयों और अन्य सहयोगियों से आह्वान कर रहे हैं कि वे:
- पैरेंटिंग कार्यक्रमों सहित ऐसी सेवाओं को बढ़ावा दें, जिससे बच्चों में खेलों के प्रति लगाव बढ़ें।
- प्रत्येक प्री-स्कूल में 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए और खेलों को अनिवार्य किया जाए, ताकि वह इनमें नियमित रूप से भाग ले सकें।
- सुनिश्चित करें कि प्रत्येक बच्चे के पास सुरक्षित, समावेशी और सुव्यविस्थित खेल क्षेत्र उपलब्ध हो।
आपके बच्चे के विकास में सहायता करने वाले गेम्स
खेलकर सीखें- प्रैक्टिकल टिप्स