यूनिसेफ इंडिया वार्षिक रिपोर्ट 2019

भारत में प्रत्येक बच्चे के लिए मुख्य परिणाम

Girls and boys play football during a break in the Government Model School Pirra in Kanke block, Ranchi, Jharkhand.
UNICEF/UNI207809/Katragadda

Highlights

वर्ष 2019 भारत के बच्चों और यूनिसेफ के लिए एक चुनौतीपूर्ण वर्ष था, लेकिन यह विशिष्ट रूप से गौरवशाली भी था! 2019 में, यूनिसेफ ने कुछ 450 कर्मचारियों के साथ 17 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में काम करना जारी रखा, जिससे यह संयुक्त राष्ट्र की सबसे बड़ी क्षेत्र की उपस्थिति वाली एजेंसी बन गई, जिसकी पहुंच अनुमानित 450 मिलियन बच्चों और युवाओं तक हो गई।

2019 की यह वार्षिक रिपोर्ट हमारे परिणामों और गतिविधियों पर प्रकाश डालती है, जिसका आयोजन हम अपने भागीदारों और दाताओं के साथ मिलकर करते हैं। हमने 2019 में भारत में यूनिसेफ के 70 वर्षों के साथ-साथ बाल अधिकार कन्वेंशन (सीआरसी) के 30 साल पूरे होने का जश्न भी मनाया।

जब हम पिछले वर्षों और वास्तव में पिछले सात दशकों में अपनी उपलब्धियों को देखते हैं, हम सिर्फ यूनिसेफ की प्रगति को नहीं बल्कि भारत द्वारा बाल अधिकारों को बढ़ावा देने और उसे आगे बढ़ाने के लिए की गई अविश्वसनीय प्रगति को भी देखते हैं।

यह उन सच्चे नायकों के लिए उत्सव मनाने और उनकी सराहना करने का समय है, जिन्होंने इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है - आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि दूरदराज के गांवों में बच्चों तक सेवाएं पहुंचती रहें, मिडवाइफ, जो गर्भवती महिलाओं की सहायता और सुरक्षित प्रसव के लिए हर समय कॉल पर उपलब्ध रहती हैं, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जो बच्चों को टीके लगाने के लिए किसी भी मौसम की परवाह नहीं करते, शिक्षक, जो सबसे चुनौतीपूर्ण स्कूलों में काम करने को तैयार रहते हैं, युवा लड़कियां, जो कम उम्र में शादी न करके स्कूल आती हैं और कई अन्य।

Cover page of the report.
लेखक
UNICEF
प्रकाशन तिथि
भाषा
अंग्रेज़ी

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