बाल विकास के लिए पिताओं का अनूठा योगदान होता है, फिर भी बच्चों की परवरिश में उनकी भूमिका सीमित है - यूनिसेफ
- English
- हिंदी
न्यूयॉर्क, 7 जून 2018 – इस महीने लगभग 90 देशों में 'फादर्स डे' (पिता दिवस) मनाया जा रहा है। इस अवसर पर यूनिसेफ ने आज बच्चों के शुरुआती विकास में उनके पिता की भूमिका का सम्मान करते हुए 'सुपर डैड्स’ अभियान के तहत एक नया पेरेंटिंग साइट लॉन्च/शुरू किया है। यूनिसेफ विश्व स्तर पर पिताओं के लिए अधिक समर्थन का आह्वान कर रहा है, और ऐसी नीतियां बनाने पर ज़ोर दे रहा है, जिससे माता-पिता को अपने बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए आवश्यक समय और संसाधन मिले।
यूनिसेफ चीफ ऑफ़ अर्ली चाइल्डहुड डेवलपमेंट (प्रारंभिक बाल विकास की प्रमुख) डॉ पिया ब्रिटो ने कहा "पिता की भूमिका माता से कम नहीं, अपितु बाल विकास के लिए पिताओं का अनूठा योगदान होता है, और अगर हम बच्चों को जीवन में सबसे अच्छी शुरुआत देना चाहते हैं, तो हम सभी को इस भूमिका को पूरी तरह से पहचानने और उसका उपयोग करने की आवश्यकता है" ।
यह ऑनलाइन साइट दुनिया भर के पिताओं को उनके पेरेंटिंग टिप्स, चुनौतियों, आवश्यकताओं और सफलताओं को साझा करने के लिए एकजुट करेगी।
'सुपर डैड्स' अभियान का उद्देश्य विश्व भर के माता-पिता को यह याद दिलाना कि जब पिता जीवन के शुरुआती वर्षों में अपने बच्चों की परवरिश में भाग लेते हैं – प्यार और सुरक्षा प्रदान करके, उनके साथ खेलकर और उनके पोषण का समर्थन करके – तो उनके बच्चे बेहतर सीखते हैं, उनकी व्यवहारिक दिक्कतें कम होती हैं, और वह स्वस्थ, खुश इंसानों के रूप में बड़े होते हैं।
‘फादर्स डे’ पर यूनिसेफ फिर से उन सांस्कृतिक और वित्तीय बाधाओं को तोड़ने का आह्वान कर रहा है, जो पिताओं को अपने छोटे बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय नहीं बिताने देते।
ब्रिटो ने कहा "बच्चे के मस्तिष्क के विकास हेतु जीवन के पहले 1,000 दिन सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, और ऐसे प्रमाण भी मिले हैं कि पिता इस प्रक्रिया में एक बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं। इसके बावज़ूद, पिताओं को अपनी भूमिका बेहतर तरीके से निभाने के लिए ज़रूरी समर्थन नहीं मिल रहा है” ।
न्यूरोसाइंस (तंत्रिका विज्ञान) में उन्नति ने साबित कर दिया है कि जब बच्चे अपने जीवन के शुरुआती साल - विशेष रूप से अपने पहले 1,000 दिन - पोषक और प्रेरक वातावरण में बिताते हैं, तो उनका दिमाग श्रेष्ठ गति से विकसित हो सकता है। तंत्रिकाओं का ये संबंध बच्चे की संज्ञानात्मक क्षमता, उसकी स्वास्थ्य और खुशी, सीखने और सोचने की शक्ति, एवं तनाव से निपटने और रिश्ते बनाने की क्षमता निर्धारित करते हैं। बचपन में अच्छा पोषण, संरक्षण, खेल और प्यार बच्चों के दिमाग में इन तंत्रिका संबंधों को जन्म देता है।
शोध बताते है कि जब पिता अपने शिशुओं के साथ शुरू से जुड़ पाते हैं, तो उनकी अपने बच्चों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की संभावना अधिक होती है, जिससे आने वाले समय में बच्चों को बेहतर मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य, आत्म-सम्मान और जीवन-संतुष्टि मिलती है।
अक्टूबर 2016 में शुरू की गई ‘लैंसेट सीरीज़, एडवांसिंग चाइल्डहुड डेवलपमेंट: फ्रॉम साइंस टू स्केल’, में बताया गया कि 5 वर्ष से कम उम्र के लगभग 25 करोड़ बच्चों को स्टंटिंग और अत्यधिक गरीबी के कारण अपर्याप्त शारीरिक और बौद्धिक विकास का खतरा था। इस सीरीज से यह भी पता चला कि पोषक देखभाल को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों को यदि मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ा जाए, तो इसका वार्षिक खर्च मात्र आधा डॉलर प्रति व्यक्ति जितना सस्ता हो सकता है।
# # #
मल्टीमीडिया सामग्री: विश्व प्रसिद्ध फोटोग्राफर एड्रियाना ज़ेब्रास्कस ने, अभियान के सदस्य के रूप में, पांच विभिन्न देशों - गिनी बिसाऊ, मैक्सिको, थाईलैंड, तुर्कमेनिस्तान और यूनाइटेड किंगडम के प्रसव कक्षों में, नवजात शिशुओं के अपने पिता के साथ शुरुआती क्षणों को कैमरे में कैद करने के लिए यूनिसेफ के साथ यात्रा की। यूनिसेफ को उम्मीद है कि यह श्रृंखला दुनिया भर में पिताओं को अपने छोटे बच्चों के शुरुआती वर्षों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। आज जारी की गई तस्वीरें, यहां देखी जा सकती हैं:
'सुपर डैड्स' के बारे में
'सुपर डैड्स' की पहल यूनिसेफ के #EarlyMomentsMatter अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इस समझ को बढ़ाना है कि कैसे बचपन में मिला वातावरण और शुरुआती अनुभव आगे चलकर बच्चों के स्वास्थ्य, कल्याण, सीखने की क्षमता, कार्यक्षमता, और यहां तक कि कमाने की क्षमता को भी प्रभावित करता है।
संपादकों के लिए टिपप्णी
भारत में #EarlyMomentsMatter अभियान
पिछले साल के अभियानों #BaapWaliBaat # EarlyMomentsMatter की सफलता को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष यूनिसेफ इंडिया #FathersDay के आसपास मस्तिष्क के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक अच्छे पालन-पोषण की मूलभूत बातों को उजागर करेगा, और जीवन के शुरुआती वर्षों में संरक्षण, पोषण और प्रेरणा के महत्व पर प्रकाश डालेगा। भारत में इस वर्ष पोषण पर ध्यान केंद्रित रहेगा, और यह अभियान ऑनलाइन और ऑफलाइन ऐसे पिताओं के समुदाय बनाएगा, जो विशेष रूप से बच्चे के पोषण और पेरेंटिंग टिप्स का आदान-प्रदान करके अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।
फुटबॉल का फीफा विश्व कप ‘फादर्स डे’ से पहले शुरू होने वाला है, और भारतीय राष्ट्रीय फुटबॉल टीम भी आजकल मुंबई के मैदानों पर उतरी है। चूँकि अधिकतर पिता खेलों में रूचि रखते हैं, यूनिसेफ फुटबॉल टीम के कप्तान, खिलाड़ियों और कोच के साथ एक विशेष वीडियो श्रृंखला बनाएगा, जो यूनिसेफ इंडिया के सोशल मीडिया चैनलों पर 14 जून से जारी की जाएगी और डाउनलोड के लिए यहां उपलब्ध होगी।
बच्चों को किस उम्र में क्या खिलाना है, और स्थानीय खाद्य पदार्थों का कैसे उपयोग करना है, इस बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
कृपया हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम पर फॉलो करें क्योंकि शुरुआती क्षण महत्वपूर्ण हैं #EarlyMomentsMatter। यूनिसेफ इंडिया और इसके कार्य के बारे में अधिक जानकारी के लिए www.unicef.in पर जाएं।
मीडिया संपर्क
यूनिसेफ के बारे में
यूनिसेफ अपने हर काम में, हर बच्चे के अधिकारों और भलाई को बढ़ावा देता है। अपने सहभागियों के साथ, हम 190 देशों और प्रदेशों में इस संकल्प को कार्यरत करते हैं, और सबसे विशेष ध्यान उन बच्चों पर देते हैं जो सबसे ज़्यादा वंचित हैं और जोख़िम में हैं, ताकि हर जगह, हर एक बच्चे को लाभ हो।
भारत के सभी बालक और बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य, पोषण, जल एवं स्वच्छता, शिक्षा और बाल संरक्षण कार्यक्रम चलाने के लिए यूनिसेफ इंडिया उद्योगों तथा व्यक्तियों द्वारा दिए गए दान और सहायता पर निर्भर है। हर बच्चे को जीवित रहने एवं फलने-फूलने में मदद करने के लिए आज ही हमे प्रोत्साहन दें! www.unicef.in/donate
यूनिसेफ इंडिया और हमारे काम के बारे में अधिक जानने के लिए, www.unicef.in पर जाएँ। Twitter, Facebook, Instagram, Google+ और LinkedIn पर हमें फॉलो करें।