संस्थान एवं संगठन

सरकार और यूनिसेफ महिलाओं और बच्चों के लिए वैश्विक संस्थानों और संगठनों की भूमिका स्वीकार करते हैं

यूनिसेफ बच्चों के अधिकारों की हिमायत के लिए वैश्विक संस्थानों और संगठनों के साथ सामूहिक रूप से कार्य करती है। सरकार और यूनिसेफ महिलाओं, बच्चों और अन्य के लिए यूनिसेफ के कार्यों को भारत में लागू करने में महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में वैश्विक संस्थानों और संगठनों की भूमिका स्वीकार करते हैं।

यूनिसेफ द्वारा दी जाने वाली मदद को प्रभावी रूप से लोगों तक पहुंचाने को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक भागीदार संस्थानों और विकास के सहयोगियों द्वारा संयुक्त रूप से उचित कार्यविधि का विकास किया जाता है।

इससे भारत सरकार और यूनिसेफ के राष्ट्रीय सहयोग कार्यक्रम 2018 – 2022 के उद्देश्यों की प्राप्ति में उत्तरदायित्व और स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

यू एन डी पी, यू एन एफ पी ए, यू एन वीमेन और विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ राष्ट्रीय कार्यक्रम 2018 – 2022 के अंतर्गत परिणामों की प्राप्ति के लिए साथ में काम करने के साथ ही यूनिसेफ संयुक्त राष्ट्र सतत विकास फ्रेमवर्क (यू एन एस डी एफ) 2018 – 2022 के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र परिवार के अन्य सदस्यों, साथ ही साथ विश्व बैंक के साथ मजबूर पार्टनरशिप में भरोसा करता है।

यूनिसेफ संयुक्त राष्ट्र आपदा प्रबंधन टीम द्वारा संयुक्त राष्ट्र व्यापी रिस्पांस को प्रोत्साहित करता है और संयुक्त राष्ट्र संचार समूह को सक्रिय सहयोग प्रदान करता है तथा सतत विकास लक्ष्यों (एस डी जी) की परिधि में पहुँच और सम्मिलन की रणनीति के लिए संयुक्त राष्ट्र तंत्र के संयुक्त प्रयासों को सहयोग करता है।

जहाँ आवश्यक हो, यूनिसेफ महत्वपूर्ण रणनीतिक कार्यक्रमों के लिए विकास के सहयोगियों के बीच समन्वय हेतु अपने नेत्रित्व को मज़बूत करता है; उदहारण के लिए यूनिसेफ एसबीएम को समर्थन देने वाले सहयोगियों के समूह की अध्यक्षता करता है।

साथ ही भारत में बच्चों, किशोरों और महिलाओं के सन्दर्भ में परिणामों की प्राप्ति हेतु जीएवीआई, यूनिलीवर और आईकिया फाउंडेशन के साथ यूनिसेफ की पार्टनरशिप जारी है |

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पुणे, भारत में पेंटा वैक्सीन डिपार्टमेंट की आतंरिक स्टीकर लेबलिंग की फोटो की मुद्रा में हेमंत किशन कदम |
UNICEF/UN0220676 सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पुणे, भारत में पेंटा वैक्सीन डिपार्टमेंट की आतंरिक स्टीकर लेबलिंग की फोटो की मुद्रा में हेमंत किशन कदम |

यूनिसेफ भारत सरकार तथा अन्य सहयोगियों जैसे विश्व स्वास्थ्य संगठन और ग्लोबल अलायन्स फॉर वैक्सीन्स एंड इम्यूनाइजेशन (जी ए वी आई) के साथ मिलकर बाज़ार की सूचनाएँ साझा कर के वैक्सीन्स मांग के पूर्वानुमान और वैक्सीन्स की आवश्यकताओं की प्राथमिकताओं पर भारतीय उत्पादकों को सस्ती वैक्सीन्स के उत्पादन हेतु सूचित कर रहे हैं।

जी ए वी आई टीकाकरण की व्यापकता को बढ़ाने के लिए यूनिसेफ के स्वास्थ्य तंत्र सुदृढ़ीकरण कार्य में सहयोग प्रदान करता है।

यू एस एड भारत में पोलिओम्येलिटिस (पोलियो) की समाप्ति के लिए यूनिसेफ इंडिया का सहयोग करता रहा है। सेंटर फॉर डिजीज कण्ट्रोल, यू एस ए नियमित टीकाकरण की व्यापकता को बढ़ाने और पोलिओम्येलिटिस (पोलियो) को समाप्त करने के प्रयासों के लिए यूनिसेफ इंडिया को सहयोग प्रदान करता रहा है।

बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन पोलियो उन्मूलन और सर्वव्यापी नमक के आयोडीनकरण हेतु यूनिसेफ इंडिया का सहयोग करता रहा है। रोटरी इंटरनेशनल भारत से पोलिओम्येलिटिस (पोलियो) की समाप्ति की गति को बनाये रखने के लिए यूनिसेफ इंडिया का सहयोग करता रहा है।

वैश्विक संस्थानों और विकास संगठनों के साथ काम करने के अतिरिक्त यूनिसेफ का सिविल सोसाइटी सहयोगियों के साथ सहभागिता आवश्यक है।

इसमें अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, विस्वास आधारित संगठनों, चुने हुए प्रतिनिधियों, जनसंपर्क माध्यमों (मास मीडिया), प्रतिष्ठित लोगों (सेलेब्रिटी), उच्च प्रोफाइल वाले समर्थकों, निजी क्षेत्र, समुदाय, युवाओं और बच्चों के संगठनों और साथ ही युवा लोगों के साथ काम करना शामिल है।