आयुष्मान खुराना
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता आयुष्मान खुराना बने, यूनिसेफ़ इंडिया के राष्ट्रीय राजदूत
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आयुष्मान खुराना
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित और चर्चित बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना अपनी बहुमुखी अभिनय क्षमता और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। 37 वर्ष की उम्र में उन्होंने आम भारतीयों की ज़िंदगी से जुड़े कई किरदार निभाए हैं, जो सामाजिक भेदभाव और रूढ़ियों से लड़ते नज़र आते हैं।
उन्हें एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और चार फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। वर्ष 2020 में उन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में भी शामिल किया गया था।
यूनिसेफ इंडिया के राष्ट्रीय राजदूत
18 फ़रवरी 2023 को यूनिसेफ इंडिया ने आयुष्मान खुराना को राष्ट्रीय राजदूत (National Ambassador) नियुक्त किया। इस भूमिका में वे बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण और सबसे अधिक ज़रूरतमंद बच्चों के लिए आवाज़ उठाने का काम करेंगे।
“यूनिसेफ इंडिया के साथ राष्ट्रीय राजदूत के रूप में बच्चों के अधिकारों के लिए काम करना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है। भारत में बच्चों और किशोरों से जुड़े मुद्दों को लेकर मैं गहराई से जुड़ा हुआ हूँ। यूनिसेफ के सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में मैंने इंटरनेट सुरक्षा, साइबर बुलिंग, मानसिक स्वास्थ्य और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर बच्चों से संवाद किया है। इस नई भूमिका में मैं बच्चों के अधिकारों के लिए—खासतौर पर सबसे ज़्यादा ज़रूरतमंद बच्चों के लिए—मजबूती से आवाज़ उठाता रहूँगा।”
यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे ने आयुष्मान खुराना का स्वागत करते हुए कहा, “हमें खुशी है कि आयुष्मान खुराना यूनिसेफ इंडिया के राष्ट्रीय राजदूत के रूप में हमारे साथ जुड़े हैं। पिछले दो वर्षों में यूनिसेफ के सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में उनकी प्रतिबद्धता ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रयासों को नई मजबूती दी है।
वे प्रभावशाली कलाकारों में से एक हैं और यह बेहद उत्साहजनक है कि वे अपनी इस प्रभावशाली आवाज़ का उपयोग बच्चों के साथ खड़े होने, सामाजिक मान्यताओं और लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती देने के लिए कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि यूनिसेफ आयुष्मान के साथ मिलकर हिंसा की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य और लैंगिक समानता जैसे अहम मुद्दों पर काम करने को लेकर उत्साहित है।
यूनिसेफ सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में भूमिका
आयुष्मान खुराना को सितंबर 2020 में यूनिसेफ इंडिया का सेलिब्रिटी एडवोकेट नियुक्त किया गया था। तब से वे लगातार बच्चों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने और व्यापक बाल अधिकार एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रहे हैं।
उन्होंने विश्व बाल दिवस, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, बाल श्रम के खिलाफ विश्व दिवस, बालिका दिवस, और सेफर इंटरनेट डे जैसे अवसरों पर बच्चों के मुद्दों को लेकर अपनी आवाज़ उठाई, जिसे व्यापक जनसमर्थन और मीडिया कवरेज मिला।
डिजिटल सुरक्षा और लैंगिक समानता पर ज़ोर
आयुष्मान खुराना ने बच्चों के लिए इंटरनेट को सुरक्षित बनाने, साइबर बुलिंग, और ऑनलाइन हिंसा जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की है। किशोरों के साथ उनकी ऑनलाइन बातचीत और सोशल मीडिया संदेशों को देशभर में व्यापक सराहना मिली।
अगस्त 2021 में उन्होंने Facebook India और यूनिसेफ इंडिया की संयुक्त पहल की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य बच्चों को साइबर बुलिंग से सुरक्षित रखने और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना था।
उन्होंने महामारी के दौरान बच्चों के स्वास्थ्य और अधिकारों पर पड़ने वाले प्रभाव को भी प्रमुखता से उठाया और लैंगिक समानता तथा लड़कियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की अपील की।
सरकार और यूनिसेफ के प्रयासों का समर्थन
आयुष्मान खुराना ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और यूनिसेफ की संयुक्त पहलों का भी समर्थन किया है। इसमें राष्ट्रीय बालिका दिवस, POCSO अधिनियम के तहत बाल यौन शोषण से सुरक्षा को लेकर जागरूकता आदि शामिल हैं।
उन्होंने बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर सरकार और यूनिसेफ के प्रयासों की सराहना की है।
बच्चों के अधिकारों के लिए आयुष्मान खुराना की प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि जब प्रभावशाली आवाज़ें संवेदनशील मुद्दों के साथ जुड़ती हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की राह और मज़बूत होती है।