आईसीसी और यूनिसेफ: हर बच्चे के लिए क्रिकेट की ताक़त
आईसीसी और यूनिसेफ मिलकर खेल के ज़रिए बच्चों के अधिकार और लैंगिक समानता को दे रहे बढ़ावा
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क्रिकेट में यह खासियत है कि यह समुदायों को जोड़ सकता है, बच्चों को प्रेरित कर सकता है और सकारात्मक सामाजिक बदलाव ला सकता है। इसी साझा विश्वास पर चलते हुए, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और यूनिसेफ ने खेल की वैश्विक भाषा के जरिए बच्चों के अधिकारों और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत साझेदारी बनाई है।
2015 में ICC के “Cricket for Good” के तहत पहल शुरू की गई, जो एक वैश्विक कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी प्रोग्राम है। आईसीसी और यूनिसेफ की साझेदारी क्रिकेट प्रेमी देशों में बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करती है। इसमें भारत भी शामिल है।
यह साझेदारी पोषण, बाल विकास, जल और स्वच्छता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, किशोर सशक्तिकरण, बाल सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को आगे बढ़ाती है।
भारत में यह साझेदारी राष्ट्रीय प्रयासों के साथ मिलकर स्कूल-आधारित कार्यक्रमों और बड़े क्रिकेट इवेंट्स के जरिए लिंग समानता के संदेश को लाखों लोगों तक पहुँचाती है।
जैसे-जैसे ICC महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 करीब आता है, यूनिसेफ और आईसीसी (ICC) फिर से एक साथ आ रहे हैं, ताकि पूरे देश को एक साझा संदेश – बच्चों से वादा करें – के माध्यम से प्रेरित किया जा सके।
इस अभियान में यूनिसेफ इंडिया के नेशनल अबेंसडर आयुष्मान खुराना और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना का समर्थन है। यह अभियान लड़कियों और लड़कों दोनों को खेल और शिक्षा में बराबरी के अवसर देने की दिशा में काम करता है।
वर्ल्ड कप के दौरान बच्चों और भाग लेने वाली टीमों के साथ क्रिकेट क्लिनिक से लेकर क्रिकेट के दिग्गजों, हितधारकों और समर्थकों के साथ गोलमेज़ चर्चाओं तक यह साझेदारी कई प्लेटफॉर्म पर एक्टिव होगी
अभियान के संदेश डिजिटल चैनलों के साथ-साथ खिलाड़ियों, कमेंटेटरों और टीवी प्रसारण के माध्यम से भी फैलाए जाएंगे, ताकि हर बच्चे के लिए खड़े होने की प्रेरणा मिल सके।
बच्चों के लिए ‘प्रॉमिस टू चिल्ड्रन’ अभियान
‘प्रॉमिस टू चिल्ड्रन’ अभियान पूरे भारत में लोगों को जोड़ता है, ताकि देश के सबसे कमजोर बच्चों का समर्थन किया जा सके। हर एक प्रतिज्ञा यूनिसेफ के मिशन में योगदान देती है। जिससे हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, साफ पानी, स्वच्छता और सुरक्षित वातावरण मिले, और बच्चे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें।
क्रिकेट की भावना के साथ मिलकर, हम एक ऐसा दुनिया बना सकते हैं जहां हर बच्चे को सपने देखने, खेलने और सफल होने का मौका मिल सके।