हिमा दास

भारत के २५ करोड़ से अधिक किशोर - किशोरियों को प्रेरित करने एवं उनका बच्चों और युवाओं के मुद्दों पर समर्थन प्राप्त करने के उद्देश्य से

Hima Das: The Asian Games medalist is UNICEF India’s first-ever youth ambassador as part of #WorldChildrensDay celebration at UNICEF with Laura Siegrist Fouché on India Children’s Day, 14 NOV 2018.
UNICEF/UN0262651/Kaur

आधिकारिक हस्‍ताक्षर समारोह में यूनिसेफ की प्रतिनिधि सुश्री लॉरा सेग्रिस्ट फाउचे और पुरस्‍कार विजेता फर्राटा धावक हिमा दास: यूनिसेफ इंडिया ने हिमा दास को अपना पहला यूथ एम्बेसडर नियुक्‍त किया है।

भारत के २५ करोड़ से अधिक बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने एवं उनका बच्चों और युवाओं के मुद्दों पर समर्थन प्राप्त करने के उद्देश्य से यूनिसेफ इंडिया ने एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता हिमा दास को नई दिल्ली में देश का पहला यूथ एम्बेसडर (युवा राजदूत) नियुक्त किया | 

20 नवंबर को विश्व बाल दिवस के अवसर पर यूथ एम्बेसडर के रूप में हिमा को शामिल करना,लड़कों और लड़कियों, दोनों के लिए स्कूलों में सुरक्षित और मददगार वातावरण की पक्षधर पहलों और घटनाओं की श्रृंखला का हिस्सा है। इस दिन, कन्वेंशन ऑन द राइट्स ऑफ चाइल्‍ड की पुष्टि की भी गई।

असम के धींग गांव की 18 वर्षीय लड़की, हिमा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फर्राटा धावक के रूप में उभर कर सामने आई हैं। हाल ही में जकार्ता में संपन्न एशियाई खेलों में उसने 400 मीटर स्प्रिंट में रजत पदक जीता और इन्‍हीं खेलों की 4X400 मीटर रिले प्रतिस्‍पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता।

एशियाई खेल पदक विजेता यूनिसेफ भारत का पहला युवा राजदूत है जो भारत बाल दिवस 14 एनओवी 2018 पर बच्चों के साथ यूनिसेफ में #WorldChildrensDay समारोह का हिस्सा है।
UNICEF/UN0262628/Kaur एशियाई खेल पदक विजेता यूनिसेफ भारत का पहला युवा राजदूत है जो भारत बाल दिवस 14 एनओवी 2018 पर बच्चों के साथ यूनिसेफ में #WorldChildrensDay समारोह का हिस्सा है।

यूथ एम्बेसडर के रूप में अपनी नियुक्ति से, वे रोल मॉडल के रूप में काम करेंगी, जो दुनिया को बेहतर जगह बनाने के लिए कदम उठाने हेतु लाखों बच्चों और युवाओं को प्रेरित कर सुनिश्चित करेगा कि बच्‍चों के अधिकारों का सम्मान हो।

हि‍मा ने कहा,“यह मेरे लिए बेहद गौरवपूर्ण क्षण है। एथलीट के रूप में, मुझे बहुत सारे युवा मिलते हैं और यूनिसेफ के युवा राजदूत के रूप में मैं उनकी आवाज और मुद्दे उठाना चाहती हूँ । मैं चाहती हूँ कि बच्‍चों की पृष्ठभूमि, लिंग अथवा क्षमता में भेद किये बिना हर बच्‍चे को सुरक्षित और मददगार स्‍कूलों में प्रवेश मिलना चाहिए ताकि वे सीख सकें और कामयाब हो सकें।”

युवा लोग उन मुद्दों के प्रभावी चैंपियन होते हैं जो उन पर सबसे अधिक असर डालते हैं। इस विश्व बाल दिवसपर दुनिया भर में अन्य युवाओं को कार्रवाई करने और परिवर्तन के प्रभावी एजेंट बनने के लिए प्रेरित करने हेतु यूनिसेफ के यूथ एम्बेसडर / एडवोकेट्स नियुक्‍त किए जाएंगे।

यूनिसेफ इंडिया की प्रतिनिधि सुश्री लॉरा सेग्रिस्ट फाउचे ने कहा, “हिमा युवा एथलीट हैं और वे लाखों युवाओं को अपने सपने और आकांक्षाएं साकार करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। उन्‍हें अपना पहला यूथ एम्बेसडर नियुक्त कर, हम देश में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए बच्चों और किशोरों को प्रेरित करने की उनकी क्षमता का फायदा उठाना चाहते हैं।”