करीना कपूर खान

करीना कपूर बॉलीवुड की मुख्य अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्हें अलग-अलग फिल्म शैलियों में विभिन्न प्रकार की भूमिकाएँ निभाने के लिए जाना जाता है।

Kareena Kapoor Khan poses with a group of young UNICEF India children and youth advocates at her official welcome event as UNICEF National Ambassador, alongside UNICEF officials and a woman in a blue saree.
UNICEF/UNI569461/

करीना कपूर यूनिसेफ इंडिया की नई ब्रॉड एंबेसडर हैं। करीना कपूर यूनिसेफ के साथ मिलकर हर बच्चे की शिक्षा, स्वास्थ्य, उनके शुरुआती बचपन के विकास और लैंगिक समानता के अधिकारों को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगी। यूनिसेफ इंडिया भारत के साथ अपनी साझेदारी के 75वें वर्ष में है।

करीना कपूर खान 2014 से यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट रही हैं और लड़कियों की शिक्षा, लैंगिक समानता, मूलभूत शिक्षा, टीकाकरण और स्तनपान जैसे मुद्दों पर मजबूती से अपनी बात रखती आई हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान खान ने बच्चों की पढ़ाई और स्कूल दोबारा खुलने पर उनकी वापसी के लिए भी आवाज उठाई थी। वह #एवरीचाइल्डराइट्स पर यूनिसेफ के कई वैश्विक अभियानों में सहायक रही है।

करीना कपूर बॉलीवुड की मुख्य अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्हें अलग-अलग फिल्म शैलियों में विभिन्न प्रकार की भूमिकाएँ निभाने के लिए जाना जाता है। उन्हें अब तक छह फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। यही नहीं, वह हिन्दी फिल्म जगत में बड़ी हस्तियों में शुमार हैं। उन्होंने फिल्म जगत में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ समाज में बदलाव लाने के लिए सामाजिक मुद्दों पर भी काम किया है

करीना कपूर लगभग 15 सालों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में यूनिसेफ इंडिया का समर्थन कर रही हैं। करीना कपूर को 2014 में यूनिसेफ सेलिब्रिटी एडवोकेट के रूप में नियुक्त किया गया था।

इस मुद्दे पर उनकी कुछ महत्वपूर्ण जन-कल्याण घोषणाएँ, हमें पूरे भारत में स्कूली शिक्षा को बच्चों के अनुकूल बनाने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद कर रहे हैं। अपनी घोषणाओं के माध्यम से वह शिक्षा के अधिकार (आर.टी.ई.) के दायरे में माध्यमिक शिक्षा को शामिल करने की हिमायत करती हैं।

“बच्चे, जो इस दुनिया की आने वाली पीढ़ी हैं, उनके अधिकारों से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है। भारत के नेशनल एम्बेसडर के तौर पर यूनिसेफ के साथ अपने इस सफर को जारी रखने पर मुझे गर्व है। मैं कमजोर बच्चों और उनके अधिकारों के लिए अपनी आवाज और प्रभाव का इस्तेमाल करने का प्रयास करूंगी, खासकर बचपन, शिक्षा और लैंगिक समानता के क्षेत्र में। क्योंकि हर बच्चा खुशहाल बचपन, एक बेहतर अवसर, एक अच्छे भविष्य का हकदार है।”

करीना कपूर खान, यूनिसेफ इंडिया नेशनल एम्बेसडर
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करीना कपूर कहती हैं, “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार है। बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं और यदि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलेगी, तो हमारे देश के भविष्य पर प्रश्न-चिन्ह लग जाएगा’’। ''राइट टू एजुकेशन'' (शिक्षित होने का अधिकार) से आगे  निकलकर 'राइट टू लर्न एंड क्वालिटी एजुकेशन' (पढ़ने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार) पर ध्यान केंद्रित करते हुए बच्चों के अनुकूल, और शिक्षा ग्रहण करने हेतु सबको एक साथ मिलकर चलने का, माहौल प्रदान करना बहुत महत्वपूर्ण है।

एक खुश, स्वतंत्र महिला के रूप में करीना कपूर ने हमेशा अपनी शर्तों पर जीवन जीने का उदाहरण महिलाओं के सामने रखा है। इसी कारण वह उन किशोरियों के लिए प्रेरणा का एक स्रोत हैं, जिन्हें माध्यमिक शिक्षा एवं बाल विवाह में से एक को चुनने के लिए विवश किया जाता है। करीना कपूर फिल्म ‘3 इडियट्स’ का हिस्सा थीं, जिसमें भारत में प्रचलित खराब शिक्षा प्रणालियों की समस्या को दर्शाया गया है। अपने काम के माध्यम से वह स्कूलों को बच्चों के अनुकूल बनाने और हर बच्चे के खुशी से सीखने के अधिकार पर ज़ोर दे रही हैं।

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करीना कपूर माध्यमिक शिक्षा की हिमायत करती हैं, विशेष रूप से 14 वर्ष से अधिक उम्र की किशोरियों के लिए, क्योंकि इससे उन्हें एक सुरक्षित स्थान में सीखने, जीवन कौशल और ज्ञान प्राप्त करके सशक्त बनने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही जल्दी शादी और गर्भधारण जैसे अवांछित खतरों से उनका बचाव संभव होगा।

करीना कपूर स्कूलों में दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और आर.टी.ई. के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत को प्रोत्साहित करने में हमारा समर्थन कर रही हैं। उनके समर्थन और अन्य हितधारकों के सहयोग के साथ, बच्चों पर केंद्रित यह प्रयास अब पूरे देश में 250,000 प्राथमिक स्कूलों में लागू किया जा रहा है, जिसके कारण पढ़ाई और स्कूल की अन्य गतिविधियों में बड़ा सुधार हुआ है।

करीना कपूर बच्चों के अनुकूल बनाए गए स्कूलों में विद्यार्थियों के साथ बातचीत करने के लिए ग्रामीण राजस्थान और महाराष्ट्र का दौरा कर चुकी हैं। 'चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल' बच्चों के लिए खुशहाल स्थान बनाने का प्रयास करते हैं जहाँ यह बच्चे शिक्षकों के साथ स्वतंत्र रूप से बातचीत कर सकें, सुरक्षित रह सकें, और जहाँ शिक्षा को प्रभावशाली बनाने के लिए रोचक और बात-चीत को बढ़ावा देने वाले साधनों का उपयोग किया जा सके।