09 अगस्त 2021

यूनिसेफ ने गुजरात में जीवन रक्षक ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का समर्थन किया

ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जहां समय पर ऑक्सीजन की आपूर्ति न होने की वजह से कोविड-19 के मरीजों की मौतें हुई हैं। कोविड-19 की दूसरी लहर के शहरी से ग्रामीण क्षेत्रों में फैलने की वजह से भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता पर कई तरह से असर पड़ा था। इस दौरान, गुजरात में ऑक्सीजन बेड, इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) बेड और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी देखी गई…, ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट कैसे काम करते हैं और क्या इनका इस्तेमाल सिर्फ कोविड-19 के लिए ही होगा?, ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट (ओजीपी) अस्पताल की ऑपरेटिंग थिएटर, आईसीयू और नवजात बच्चों से संबंधित इकाइयों सहित कई तरह की जरूरतों को पूरा करते हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन की जरुरत लगातार बढ़ती रहती है और इससे किसी भी अस्पताल को चलाने का खर्च काफी बढ़ जाता है। ओजीपी साइट पर ही ऑक्सीजन का उत्पादन करता है, जिससे ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता को कम होती और खर्च…, स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत कर रहा है ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्र, ओजीपी की स्थापना से पहले बहुत अधिक काम करना था। यूनिसेफ द्वारा समर्थित एक इंजीनियर ने साइट का दौरा किया और ओजीपी को स्थापित करने की जगह डिजाइन करने हेतु तकनीकी जानकारी दी और किए जाने वाले सिविल कार्यों का मार्गदर्शन किया। साइट तत्परता चेकलिस्ट तैयार की गई और बैठक की गई। यूनिसेफ द्वारा ऑन-साइट तत्परता का मूल्यांकन करने और वर्चुअल दौरे के बाद,…, ओजीपी से लोगों की जान बचाने में मदद मिलती हैं। दाताओं को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद।, यूनिसेफ स्वैच्छिक दान पर निर्भर करता है और हम अपने दाताओं तथा भागीदारों के योगदान के लिए उनका धन्यवाद देते हैं, जिसकी वजह से हम कोविड-19 के खिलाफ प्रतिक्रिया कर पाएं और ऐसी जगहों पर ओजीपी व अन्य सेवाओं सहित जीवन रक्षक आपूर्ति प्रदान कर सकें, जहाँ सबसे अधिक जरुरत थी।