20 अगस्त 2021

जल योद्धा बनें

आईपीसीसी की नई रिपोर्ट के सामने आने के के बाद, दिनों-दिन बढ़ते ग्लोबल तापमान को कम करना, और नए तरीके तलाशनाअब हम सभी की पहली प्राथमिकता बन गई है। सीओपी26 में, दुनिया भर के नेता 234 स्वयंसेवी वैज्ञानिकों द्वारा 8 वर्षों में लिखी गई इस रिपोर्ट पर अमल करने और हमारे भविष्य आकार देने वाली पॉलिसी बनाने की बात करते हैं, लेकिन हमें केवल उम्मीद देने के…, जल योद्धा बनने की यात्रा शुरू करते हुए आपको इन बातों को ध्यान में रखना होगा :, हमेशा 'ग्लास हाफ फुल' हैं यह देखें! पानी के प्रति पॉजिटिव नज़रिया रखना, हमेशा उतना ही लेना जितनी आपको ज़रूरत हो और इसे बर्बाद न करना इसे रिसोर्स के रूप में बचाने का सबसे अच्छा तरीका है। बड़ा बदलाव हमेशा छोटे-छोटे बदलावों से ही आता है। इस दिशा में अपने आसपास कदम उठाएं, और ग्लोबल अभियान का हिस्सा बनें। 2015 में, भारत को सबसे बड़े सूखे का सामना करना…
10 अगस्त 2020

कोविड -19 के दौरान अपनी ज़िन्दगी के बारे में बच्चों की वीडियो डायरी

कोविड – 19 ने हमारी ज़िन्दगी में उथल-पुथल मचा दी है | लॉकडाउन, स्कूलों का बंद होना और भौतिक दूरी, इन सबका बच्चों पर गहरा असर पड़ रहा है |  यूनिसेफ ने पूरे देश के बच्चों से इस दौरान घर पर की अपनी दिनचर्या का दस्तावेज़ बनाने को कहा | स्टे होम डायरी बच्चों के ब्लॉग की एक श्रृंखला है जिसमें उनके द्वारा इस दौरान की परिस्थितियों का किस प्रकार सामना किया जा…, असम, जब लॉकडाउन शुरू हुआ, असम के चाय बागान की 15 – वर्षीय रिमिका कोरोना वायरस को लेकर चिंतित थी | लेकिन जल्दी ही उसने अपने दिन को कुछ मनोरंजक गतिविधियों से भर दिया |  , चेन्नई, 17 वर्षीय अल्ताफ फिल्म निर्माता बनना चाहता है | चेन्नई की जिस झुग्गी बस्ती में रहता था उसके कन्टेनमेंट जोन घोषित कर दिए जाने के कारण वह घर की चारदीवारी में सिमट कर रह गया | उसने बताया कि लॉकडाउन के दिनों में भी उसने कहानियाँ सुनाना जारी रखा |, मुंबई, मुंबई के चार साल के अहान ने लॉकडाउन के दौरान घर पर रहते हुए नाच कर, बेकिंग कर के और पियानो बजा कर अपने दिन बिताये |   , चेन्नई, कोरोना वायरस के कारण, लॉकडाउन, स्कूलों के बंद होने और बोर्ड परीक्षाओं की अनिश्चितता का चेन्नई की सुभीता के ऊपर गहरा असर पड़ा |   , ओडिशा, 15 वर्षीय हेमाश्री ओडिशा के एक गाँव में रहती है | उसका परिवार काफी बड़ा है और उसकी माँ एक आंगनवाड़ी (सामुदायिक स्वास्थ्य) कार्यकर्त्ता है | अपनी पढाई के साथ हेमाश्री अपने भाई बहन की पढाई में भी मदद करती है और घर के कामों में भी हाँथ बंटाती थी | एक युवा नेत्री के रूप में उसने ये सुनिश्चित किया कि उसका परिवार लॉकडाउन के समय उचित व्यवहार का पालन करे…, बिहार, लॉकडाउन ने 17 वर्षीय आदित्य को अपने शौक पूरा करने का मौका दिया | उसने अपने चित्रकारी के कौशल पर हाथ आजमाया और पेंटिंग के कुछ नए पहलुओं को सीखा | , ओडिशा, ओडिशा की 15 वर्षीय जिनिता को घर पर अपने भाई-बहनों के साथ खेलना अच्छा लगता है | वह खूब पढ़ती भी है | वह अपने समुदाय में हर किसी से सुरक्षित रहने और कोविड – 19 महामारी का सामना करने के लिए उचित व्यवहार अपनाने और सुरक्षित रहने के लिए कहती है | अपनी स्टे होम डायरी शेयर करने के लिए सभी बच्चों को धन्यवाद बच्चों ने लॉकडाउन के दौरान अपनी रोज़ की ज़िन्दगी के…