27 सितंबर 2021

माता-पिता एवं देखभालकर्ताओं के लिए पूरक आहार संबंधी प्रथाओं पर एक फ़ोटो निबंध

पोषण अभियान कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को मिलने वाले पोषण में सुधार करने के लक्ष्य से भारत के प्रधान मंत्री द्वारा मार्च 2018 में की गई थी। भारत में हर वर्ष सितंबर महीने में 'पोषण माह' मनाया जाता है। इस महीने के दौरान, मातृ स्वास्थ्य, पोषण को बढ़ावा देने और अति गंभीर कुपोषण व कई अन्य बीमारियों के…, कब शुरू करें और यह क्यों जरूरी है, उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के रहनिया पुरवा बड़वारा स्थित आंगनबाडी केंद्र में बाल पोषण सत्र के दौरान अपने बच्चे को पूरक आहार खिलाती एक माँ। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के रहनिया पुरवा बड़वारा स्थित आंगनबाडी केंद्र में बाल पोषण सत्र के दौरान अपने बच्चे को पूरक आहार खिलाती एक माँ। छह महीने के बाद बच्चे का शरीर और मस्तिष्क तेजी से बढ़ रहा होता है और उसे…, क्या खिलाएं और क्या न खिलाएं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा द्वारा रेखा के घर (ए.एन.सी. - 6 माह) का दौरा। उन्होंने गांव कर्णवास, जिला बाड़मेर, राजस्थान में स्वस्थ आहार (तिरंगा भोजन) के लाभ के बारे में बताया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा द्वारा रेखा के घर (ए.एन.सी. - 6 माह) का दौरा। उन्होंने गांव कर्णवास, जिला बाड़मेर, राजस्थान में स्वस्थ आहार (तिरंगा भोजन) के लाभ के बारे में…, बच्चों को कैसे खिलाएं और उनमें खाने की आदत कैसे ड़ालें, बुधे मांझी और उनकी 1 वर्ष 7 महीने की बेटी प्रियंका। वह अपनी बच्ची को अभी भी स्तनपान कराती हैं, और चम्मच से खाना खिलाती हैं ताकि गंदे हाथों से होने वाले संक्रमण को रोका जा सके। बुधे मांझी और उनकी 1 वर्ष 7 महीने की बेटी प्रियंका। वह अपनी बच्ची को अभी भी स्तनपान कराती हैं, और चम्मच से खाना खिलाती हैं ताकि गंदे हाथों से होने वाले संक्रमण को रोका जा…
26 अगस्त 2021

कोविड-19 महामारी प्रतिक्रिया

सरकारों द्वारा अपने लोगों का युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन कराने के बावजूद पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेने वाली कोविड-19 महामारी अभी भी कई देशों में फैलते हुए दिख रही है। नए वैरिएंट से चिकित्सा और वैज्ञानिक समुदाय को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक​कि शक्तिशाली देशों को भी लॉकडाउन लगाने और अपनी सीमाओं के बंद करने से पैदा होने…, यूनिसेफ की प्रोग्रामेटिक प्रतिक्रिया, यूनिसेफ शुरू से ही कोविड-19 आपातकालीन प्रतिक्रिया का हिस्सा रहा है। भारत सरकार के साथ मिलकर काम करते हुए, यूनिसेफ ने तेजी से काम किया, कई नई चीजें सीखीं, बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाया और डब्ल्यूएचओ तथा अन्य संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के साथ मिलकर वन यूएन एक्शन प्लान की दिशा में काम किया। यूनिसेफ के दो उद्देश्य थे: स्तंभ 1 - महामारी को नियंत्रित…, राज्यों के साथ समन्वय, यूनिसेफ इंडिया के कंट्री ऑफिस (आईसीओ) ने आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति की खरीद, कोविड-19 सुविधाओं के सहायक पर्यवेक्षण, मनोसामाजिक सहायता प्रदान करने और जोखिम संचार एवं सामुदायिक जुड़ाव (आरसीसीई) गतिविधियों के कार्यान्वय हेतु भारत भर के कार्यक्रम में शामिल 24 राज्यों के साथ मिलकर काम किया। यूनिसेफ ने महामारी प्रतिक्रिया, योजना और कोविड-19 से मुकाबले…
20 अगस्त 2021

जल योद्धा बनें

आईपीसीसी की नई रिपोर्ट के सामने आने के के बाद, दिनों-दिन बढ़ते ग्लोबल तापमान को कम करना, और नए तरीके तलाशनाअब हम सभी की पहली प्राथमिकता बन गई है। सीओपी26 में, दुनिया भर के नेता 234 स्वयंसेवी वैज्ञानिकों द्वारा 8 वर्षों में लिखी गई इस रिपोर्ट पर अमल करने और हमारे भविष्य आकार देने वाली पॉलिसी बनाने की बात करते हैं, लेकिन हमें केवल उम्मीद देने के…, जल योद्धा बनने की यात्रा शुरू करते हुए आपको इन बातों को ध्यान में रखना होगा :, हमेशा 'ग्लास हाफ फुल' हैं यह देखें! पानी के प्रति पॉजिटिव नज़रिया रखना, हमेशा उतना ही लेना जितनी आपको ज़रूरत हो और इसे बर्बाद न करना इसे रिसोर्स के रूप में बचाने का सबसे अच्छा तरीका है। बड़ा बदलाव हमेशा छोटे-छोटे बदलावों से ही आता है। इस दिशा में अपने आसपास कदम उठाएं, और ग्लोबल अभियान का हिस्सा बनें। 2015 में, भारत को सबसे बड़े सूखे का सामना करना…
09 अगस्त 2021

यूनिसेफ ने गुजरात में जीवन रक्षक ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का समर्थन किया

ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं जहां समय पर ऑक्सीजन की आपूर्ति न होने की वजह से कोविड-19 के मरीजों की मौतें हुई हैं। कोविड-19 की दूसरी लहर के शहरी से ग्रामीण क्षेत्रों में फैलने की वजह से भारत की स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता पर कई तरह से असर पड़ा था। इस दौरान, गुजरात में ऑक्सीजन बेड, इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) बेड और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी देखी गई…, ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट कैसे काम करते हैं और क्या इनका इस्तेमाल सिर्फ कोविड-19 के लिए ही होगा?, ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट (ओजीपी) अस्पताल की ऑपरेटिंग थिएटर, आईसीयू और नवजात बच्चों से संबंधित इकाइयों सहित कई तरह की जरूरतों को पूरा करते हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन की जरुरत लगातार बढ़ती रहती है और इससे किसी भी अस्पताल को चलाने का खर्च काफी बढ़ जाता है। ओजीपी साइट पर ही ऑक्सीजन का उत्पादन करता है, जिससे ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता को कम होती और खर्च…, स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत कर रहा है ऑक्सीजन उत्पादक संयंत्र, ओजीपी की स्थापना से पहले बहुत अधिक काम करना था। यूनिसेफ द्वारा समर्थित एक इंजीनियर ने साइट का दौरा किया और ओजीपी को स्थापित करने की जगह डिजाइन करने हेतु तकनीकी जानकारी दी और किए जाने वाले सिविल कार्यों का मार्गदर्शन किया। साइट तत्परता चेकलिस्ट तैयार की गई और बैठक की गई। यूनिसेफ द्वारा ऑन-साइट तत्परता का मूल्यांकन करने और वर्चुअल दौरे के बाद,…, ओजीपी से लोगों की जान बचाने में मदद मिलती हैं। दाताओं को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद।, यूनिसेफ स्वैच्छिक दान पर निर्भर करता है और हम अपने दाताओं तथा भागीदारों के योगदान के लिए उनका धन्यवाद देते हैं, जिसकी वजह से हम कोविड-19 के खिलाफ प्रतिक्रिया कर पाएं और ऐसी जगहों पर ओजीपी व अन्य सेवाओं सहित जीवन रक्षक आपूर्ति प्रदान कर सकें, जहाँ सबसे अधिक जरुरत थी।
02 अगस्त 2021

यूनिसेफ इंडिया क्यों धन उगाह रहा है

क्या भारत में यूनिसेफ फंड जुटाता है?, हाँ, यूनिसेफ भारत में फंड जुटाता है । यूनिसेफ संयुक्त राष्ट्र की एकमात्र एजेंसी है जो स्वैच्छिक योगदान पर निर्भर करती है। यूनिसेफ व्यवसायों, संस्थानों और लोगों से स्वैच्छिक योगदान पर निर्भर करता है। भारत में जुटाई गई राशि का इस्तेमाल हमारे द्वारा भारत में चलाये जा रहे कार्यक्रमों के लिए किया जाता है। यूनिसेफ अपने कार्यक्रमों को जारी रख सके और…, मैं यूनिसेफ को दान कैसे कर सकता हूं?, आप कई तरीकों से दान कर सकते हैं: ऑनलाइन - आप हमारी वेबसाइट https://www.unicef.org/india/ पर जाकर और ' Donate Now button ' बटन पर क्लिक करके, सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन दान कर सकते हैं। चेक - आप यूनिसेफ इंडिया को चेक के ज़रिए दान कर सकते हैं और इसे हमारे किसी भी राज्य कार्यालय को या नीचे दिए गए पते पर भेज सकते हैं: ध्यान दें: डोनर केयर यूनिसेफ इंडिया…, क्या मैं यूनिसेफ इंडिया को जो पैसा दूंगा उसका इस्तेमाल सिर्फ भारत में बच्चों की मदद के लिए किया जाएगा?, हाँ। भारत में जुटाया गया सारा पैसा भारत में यूनिसेफ के काम का समर्थन करने हेतु भारत में ही इस्तेमाल किया जाता है।, मुझे रसीद कब मिलेगी?, यूनिसेफ आपको चार सप्ताह के भीतर आपके दान से संबंधित रसीद भेजेगा। अगर आपको चार सप्ताह के भीतर रसीद नहीं मिलती है तो कृपया डोनर रिलेशंस ऑफिसर को सोमवार से शुक्रवार (सार्वजनिक छुट्टियों को छोड़कर) सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच 1800-3000-5898 पर कॉल करें या indiadonors@unicef.org पर ईमेल करें। हम आपको 48 से 72 घंटों के बीच आपके सवाल का जवाब…, क्या मुझे टैक्स में छूट मिलेगी?, यूनिसेफ को किया गया दान अभी धारा 80जी के तहत कर छूट के दायरे में नहीं आता है। आयकर अधिनियम में यूनिसेफ को अपने दाताओं को कर छूट देने की अनुमति नहीं है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी होने के नाते अभी यह भारत में पंजीकृत (एक चैरिटी के रूप में) नहीं है। यह स्थिति यूनिसेफ के संचालन वाले देश में तटस्थ रहने की आवश्यकता के अनुरूप भी है।, मेरे द्वारा दान की जाने वाली राशि का कितना हिस्सा, कार्यक्रमों के संचालन में इस्तेमाल किया जाएगा?, आपके द्वारा दान की जाने वाली राशि का कुल 95.7 प्रतिशत हिस्सा जरूरतमंद बच्चों की मदद से संबंधित कार्यक्रमों के संचालन में इस्तेमाल किया जाएगा। यूनिसेफ द्वारा केवल 4.2 प्रतिशत राशि का इस्तेमाल ही आपके दान को संसाधित करने में किए जाने वाले ओवरहेड और प्रशासनिक खर्चों के भुगतान हेतु किया जाता है। आप भी इस बात से सहमत होंगे कि, यह एक आवश्यक व्यय है और…, यूनिसेफ को मुझसे दान की आवश्यकता क्यों है?, यूनिसेफ संयुक्त राष्ट्र की एकमात्र एजेंसी है जिसकी स्थापना अपने स्वयं के संसाधन जुटाने के आधार पर की गई थी और इसलिए यह केवल स्वैच्छिक योगदान पर निर्भर करती है। इसलिए यूनिसेफ कॉरपोरेट्स, फाउंडेशनों और सभी क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तिगत दाताओं से पूरी तरह स्वैच्छिक योगदान पर निर्भर है। भारत में जुटाई गई पूरी राशि का इस्तेमाल केवल भारत के जरुरतमंद…, क्या मैं पैसे के बजाय किसी अन्य तरीके यानि कपड़े, राशन आदि दान करके मदद कर सकता हूं?, भारत में संचालन के मौजूदा तरीके के तहत यूनिसेफ दानदाताओं से सामग्री दान नहीं ले सकता है। यूनिसेफ वैक्सीन, दवाएं, एजुकेशन किट, आरटीपीसीआर टेस्टिंग किट, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स, पीपीई किट आदि जैसी सामग्री की आपूर्ति करता है, जो जमीनी स्तर पर आवश्यक विनिर्देशों के अनुरुप हैं। इन सामग्री की खरीद यूनिसेफ को दान किए गए पैसे से की…, मैं केवल एक बार दान करना चाहता हूं, क्या मैं ऐसा कर सकता हूँ?, हाँ, आप चाहें तो केवल एक बार दान कर सकते हैं, हालाँकि, यूनिसेफ भारत में बच्चों को बचाने और उनके विकास के लिए लंबे समय तक स्थायी समाधान प्रदान कर सके, इसलिए हम आपसे लंबी अवधि तक दान करना का अनुरोध करते हैं। सामाजिक बदलाव और विकास में समय लगता है और अगर आप लंबे समय तक दान करते हैं, इससे हमें ऐसा करने में मदद मिलेगी। साथ ही कोविड-19 जैसी आपात…, आप मासिक दान करने का अनुरोध क्यों कर रहे हैं?, यूनिसेफ भारत में बच्चों की मदद हेतु दीर्घकालिक स्थायी समाधान प्रदान करने हेतु मासिक दान करने का अनुरोध करता है। मासिक दान से हमें अपनी दीर्घकालिक वित्त पोषण जरुरतों की योजना बनाने और अपने कार्यक्रमों की बेहतर तरीके से योजना बनाने में मदद मिलती है। साथ ही मासिक दान देकर आप यह दर्शा रहते हैं कि भारत में हर बच्चे को जीवित रहने और फलने-फूलने का मौका…, यूनिसेफ को धन कैसे मिलता है और यह डब्ल्यूएचओ तथा यूएनएचसीआर जैसी संयुक्त राष्ट्र की बाकी एजेंसियों से कैसे अलग है?, यूनिसेफ संयुक्त राष्ट्र की एकमात्र एजेंसी है जो पूरी तरह से स्वैच्छिक दान पर निर्भर करती है। आय के बिना, यूनिसेफ बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और उनकी क्षमताओं को उभारने के अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सकता।, मैं मॉल में या सड़क पर एक ऐसे व्यक्ति से मिला, जो यूनिसेफ के नाम पर चंदा मांग रहा था। क्या वे इसके लिए अधिकृत हैं?,                                      या, मुझे किसी ऐसे व्यक्ति का फोन आया जो यूनिसेफ के नाम से चंदा मांग रहा था। क्या वे इसके लिए अधिकृत हैं?, हम भारत में प्रत्यक्ष रुप से या ऑनलाइन, टीवी विज्ञापन और टेलीमार्केटिंग सहित कई तरीकों से फंड जुटाते हैं। यह काम हमारे अधिकृत फंडरेजर द्वारा किया जा रहा है। हमारी फेस टू फेस टीमें अभी भारत के लगभग 20 शहरों; अहमदाबाद, बैंगलोर, चंडीगढ़, चेन्नई, कोचीन, कोयंबटूर, दिल्ली, गोवा, गुंटूर, गुड़गांव, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, मैसूर, नागपुर,…, मैं एक फंडरेजर से मिला और उन्हें हमारे कार्यक्रम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी?, हमारे फंडरेजिंग एजेंटों को केवल हमारे कार्यक्रम से जुड़ी बुनियादी बातों का ही प्रशिक्षण दिया जाता है, क्योंकि उन्हें लोगों को हमारी मुहिम में शामिल होने और दान करने हेतु प्रेरित करना होता है। उन्हें हमारे कार्यक्रमों की तकनीकी जानकारी नहीं होती है, क्योंकि यह उनका काम या उनकी स्किल नहीं है। हालाँकि, अगर आप भारत में यूनिसेफ द्वारा किये जा रहे कार्य…, मैं अपना दान कैसे रद्द करु/ बढ़ाऊँ / कम करूं?, अपने दान को रद्द करने, बढ़ाने या कम करने से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए, आप सोमवार से शुक्रवार (सार्वजनिक छुट्टियों को छोड़कर) सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच टोल फ्री नंबर 1800-3000-5898 पर हमारी हेल्पडेस्क टीम से संपर्क कर सकते हैं या indiadonors@unicef.org पर हमें लिख सकते हैं। हम 48 से 72 घंटों के भीतर आपको जवाब जरुर देंगे।