नए साल के दिन जन्मे बच्चे: दुनियाभर में नए साल के दिन 370,000 से अधिक बच्चों का होगा जन्म - यूनिसेफ

साल2021 की शुरुआत होने के साथ, यूनिसेफ ने अपनी स्थापना के 75 वें वर्ष को बच्चों के लिए फिर से बेहतर दुनिया बनाने हेतु समर्पित किया है।

06 जनवरी 2021
गुजरात के मतोड़ा में अपने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एन जे दर्षक एक युवा माँ भावना खांट को COVID 19 महामारी के दौरान स्तनपान कराने का लाभ बताते हुए।
© UNICEF/UNI364941/Panjwani

न्यूयॉर्क, 1 जनवरी2021 –यूनिसेफ के अनुसार, नए साल के दिन दुनियाभर में लगभग 371,504 बच्चे पैदा होंगे। नए साल यानि 2021 के पहले दिन, यूनिसेफ1 जनवरी को दुनिया में जन्मे बच्चों का जश्न मना रहा है।पैसिफिक में स्थित फिजी में साल 2021 के पहले बच्चे जन्म होगा।संयुक्त राज्य अमेरिका में साल के आखिरी बच्चे का जन्म होगा।विश्वस्तर पर, इनमें से आधे से अधिक बच्चों का जन्म 10 देशों में होने का अनुमान है: भारत (59,995), चीन (35,615), नाइजीरिया (21,439), पाकिस्तान (14,161), इंडोनेशिया (12,336), इथियोपिया (12,006), संयुक्त राज्य अमेरिका (10,312), मिस्र (9,455), बांग्लादेश (9,236) और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (8,640)

 कुल मिलाकर, 2021 में लगभग 140 मिलियन बच्चों का जन्म होगा।उनकी औसत जीवन प्रत्याशा 84 वर्ष रहने का अनुमान है।

यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक हेनरीटा फोर ने कहा कि, "आज जन्म लेने वाले बच्चे एक ऐसी दुनिया में जन्म लेंगे जो एक साल पहले की तुलना मेंकाफी अलग है और नया साल इसकी फिर से कल्पना करने का एक नया अवसर लाताहै।" “आज जन्म लेने वाले बच्चे को एक ऐसी दुनिया विरासत में मिलेगी जिसका निर्माण हम आज से करना शुरू करेंगे।आइए हम सभी साथ मिलकर बच्चों  के लिए एक अनुकूल, सुरक्षित, स्वस्थ दुनिया बनाने की शुरुआत 2021 के साथ करें।”

साल 2021 यूनिसेफ की स्थापना की 75वीं वर्ष गांठ भी होगा।इस पूरे साल में, यूनिसेफ और उसके सहयोगी विगत 75 वर्षों में बच्चों को संघर्ष, बीमारी एवं परित्याग से बचाने और जीने, स्वास्थ्य रहने एवं शिक्षा के उनके अधिकार का समर्थन करने का जश्न मनाते हुए कार्यक्रमों के आयोजन के साथ वर्षगांठ मना रहे हैं।

फोर ने कहा कि, "आज, क्योंकि दुनिया वैश्विक महामारी, आर्थिक मंदी, बढ़ती गरीबी एवं गहरी असमानता का सामना कर रही है, ऐसे में यूनिसेफ की जरुरत हमेशा से कहीं अधिक है।" “विगत75 वर्षोंसे, संघर्षों, विस्थापन, प्राकृतिक आपदाओं एवं संकटों के दौरान, यूनिसेफ हमेशा से दुनियाभर के बच्चों के लिए भलाई का काम करता आ रहाहै।एक नए साल की शुरुआत के साथ, हम बच्चों की रक्षा करने, उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने, और चाहे वे कहीं भी रहते हों, उनकी आवाज सुनी जाये, यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।"

वैश्विक महामारी के जवाब में, यूनिसेफ ने कोविड-19 महामारी बच्चों के लिए स्थायी संकट न बन सके, इसके लिए एक वैश्विक प्रयास के रुप में रिइमैजिन नामक एक अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के माध्यम से, यूनिसेफ सरकारों, जनता, दाताओं और निजी क्षेत्र से यूनिसेफ में शामिल होने का आह्वान करता है, क्योंकि हम महामारी के बाद की दुनिया को बेहतरतरी के से प्रतिक्रिया करने वाली, रिकवर और रिइमैजिन बनाना चाहते हैं।

 

इंडिया पैरा ग्राफ:

अनुमान के मुताबिक, 1जनवरी 2021को भारत में लगभग 60,000 बच्चों का जन्म होगा, जिसकी जीवन प्रत्याशा 80.9वर्ष होगी।

देश के भारत नवजात शिशु कार्ययोजना 2014 – 2020 के तहत परिकल्पित प्रयासों की वजह से हर दिन लगभग 1000 बच्चों का जीवन बचाया जा सका है। इसी समय में स्थापित अतिरिक्त 320 जिला स्तरीय विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाइयों की बदौलत प्रत्येक वर्ष विशेष जरूरतों वाले एक मिलियन नवजात बच्चों को जीवित रखा जा सकाहै। भारत सरकार ने नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने और बचपन के दौरान शुरुआती विकास हेतु अपनी सेवाओं एवं प्रणालियों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधि डॉ. यास्मीन अली हक़ ने कोविड-19 महामारी के कारण सामने आईं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कहा कि, “अगर हम बच्चों के जीवन को बचाने में किए गए प्रयासों को जारी रखना चाहते हैं, तो हमारे लिए महामारी के संभावित प्रभाव को पहचानना और उसे दूरकरना जरुरी है।इस के साथ-साथ हमें भविष्य के बारे में भी सोचने की आवश्यकता है, ताकि जब यह संकट कम हो, तब बेहतर दुनिया का निर्माण किया जा सके।महामारी ने हमें हर समय लोगों की सुरक्षा हेतु प्रणालियों और नीतियों के दुरुस्त होने की आवश्यकता से अवगत कराया है, नकि केवल संकट की स्थिति में।अपने रिइमैजिन अभियान के तहत, यूनिसेफ सरकारों, निजी क्षेत्रों, दानकर्ताओं से अपील करता है कि वे बेहतर कल के निर्माण हेतु जमीनी स्तर पर कार्य करने के लिए एक जुट हो, ताकि हर बच्चे के जीवित रहने के अधिकार को सुनिश्चित किया जा सके और उसे संरक्षित एवं बढ़ावा दिया जा सके।”

संपादकों के लिए नोट्स

*बच्चे के नाम पर आधारित डेटा को अमेरिकन नेम सोसायटी के डॉ. आई. एम. निक द्वारा संकलित किया गया है।देश और क्षेत्र के नाम क्षेत्रीय या राष्ट्रीय सरकारी एजेंसियों द्वारा संकलित एवं जारी किए गए सांख्यिकीय आंकड़ों की उपलब्धता के आधार पर शामिल किए गए हैं।

236 देशों और क्षेत्रों में बच्चों के जन्म का पूरा अनुमान जानने के लिए, यहां क्लिक करें।

अनुमानों के लिए, यूनिसेफ ने देशों में जन्म के मासिक एवं दैनिक आंकड़ों का अनुमान लगाने हेतु पंजीकरण और राष्ट्रीय स्तर के घरेलू सर्वेक्षण डेटा का उपयोग किया है।यूनिसेफ ने 1 जनवरी2021 को जन्म लेने वाले बच्चों और उनकी जीवन प्रत्याशा का अनुमान लगाने हेतु UN’s World Population Prospects (2019) के नवीनतम संशोधन से वार्षिक लाइव जन्म संख्या और जीवन प्रत्याशा की अवधि का उपयोग किया है।

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रिइमैजिन अभियान के बारे में

कोविड-19 महामारी के जवाब में, यूनिसेफ ने रिइमैजिन अभियान लॉन्च किया है – जो सरकारों, जनता, दाताओं और निजी क्षेत्र से कोविड-19 से घिरी दुनिया को प्रतिक्रिया करने, रिकवरी करने और रिइमैजिन के प्रयासों का समर्थन करने हेतु एक जुट होने का आह्वान करता है।एक साथ मिलकर हम इस महामारी को बच्चों के लिए स्थायी संकट बनने सेरोक सकते हैं – विशेष रूप से सबसे कमजोर बच्चों के लिए – और हर बच्चे के लिए एक अनुकूल की दुनिया का रिइमैजिन कर सकते हैं।

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